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आखिर कैसे आजमगढ़ की गलियों में कंचे खेलने वाला अबु सलेम बना अंडरवर्ल्ड ''डॉन''

वकील का बेटा होने की वजह से अबु सलेम का इलाके में चलता था सिक्का।

आखिर कैसे आजमगढ़ की गलियों में कंचे खेलने वाला अबु सलेम बना अंडरवर्ल्ड

मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी अबु सलेम को मुंबई की विशेष टाडा ने दोषी करार दे दिया है। कोर्ट ने अबु सलेम को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से 35 किलोमीटर दूर कसबा सरायमीर में बचपन में कंचे खेलकर बड़ा हुआ अबु सलेम शुरू से ऐसा नहीं था। बिलकुल आम बच्चों की तरह अबु सलेम दिनभर खेलता था और पढ़ता था। लेकिन दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई अनीस इब्राहिम से मुलाकात के बाद अबु सलेम जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया।

वकील का बेटा होने की वजह से इलाके में चलता था सिक्का

1960 में पठानटोला के एक छोटे से परिवार में अधिवक्ता अब्दुल कयूब के यहां दूसरे बेटे अबु सलेम का जन्म हुआ था। अबु सलमे को बचपन में 'सलिमवा' कहते थे। पिता वकील थे इस वजह से पूरे गांव में अबु सलेम का दबदबा था।

साइकिल की दुकान पर सलेम लगाता था पंचर

अबु सलेम के पिता की एक सड़क हादसे में मौत हो जाने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। परिवार की माली हालत खराब देख अबु सलेम ने एक साइकिल की दुकान पर काम किया। यहां वो साइकिलों में पंचर लगाया करता था।

लोगों के बाल तक काटे हैं सलेम ने

साइकिल की दुकान में काम करके सलेम की पैसों की जरुरत पूरी नहीं हो रही थी। सलेम ने इसके बाद एक नाई की दुकान पर भी काम किया और यहां वो लोगों के बाल काटा करता था और शेविंग किया करता था।

दिल्ली आकर की ड्राइवर की नौकरी

अबु सलेम का घर इन दोनों काम से होने वाली कमाई से नहीं चल पा रहा था। सलेम ने इसके बाद दिल्ली आकर ड्राइवरी की। इसके बाद वो मुंबई पहुंचा और डिलीवरी बॉय के तौर पर भी काम किया।

मुंबई में हुई थी दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम से मुलाकात

मुंबई में सामान डिलीवरी करते हुए अबु सलेम की मुलाकात दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई अनीस इब्राहिम से हुई। इसके बाद वो धीरे-धीरे डी कंपनी में अपनी बैठ बनाने में कामयाब रहा।

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