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''पद्मावत विवाद'' पर पहली बार बोले गृहमंत्री, विचार-विमर्श के बाद राज्य सरकार उठाए कदम

राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि फिल्म पद्मावत पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन करने और विधि विशेषज्ञों से विचार विमर्श के बाद ही राज्य सरकार कोई कदम उठाएगी।

राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि फिल्म पद्मावत पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन करने और विधि विशेषज्ञों से विचार विमर्श के बाद ही राज्य सरकार कोई कदम उठाएगी। गृहमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है। फैसले की प्रति मिलने के बाद सरकार उसका अध्ययन करेगी और विधि​ विशेषज्ञों से विचार विमर्श के बाद कदम उठाना होगा तो उठाएंगे। यदि विधि विशेषज्ञ आगे बढ़ने की राय देंगे तो आगे बढेंगे।

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फैसले पर उनकी व्यक्तिगत राय पूछने पर उन्होंने कहा कि जब तक फैसले का बारीकी से अध्ययन नहीं कर लेते और विधि विशेषज्ञों से विचार विमर्श नहीं कर लेते, तब तक मैं कुछ नहीं कहना चाहता। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान समेत सभी राज्यों में फिल्म को रिलीज करने को हरी झंडी दे दी है। राज्य सरकार ने इससे पहले फिल्म पद्मावत की रिलीज पर रोक लगा दी थी।

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने अपने बयान पर दी सफाई

मध्यप्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने आज कहा कि ‘पद्मावत' फिल्म के ‘घूमर' गाने पर उनके द्वारा कल दिये गये बयान को मीडिया ने गलत अर्थ निकाल कर पेश किया है। सिंह ने कहा कि मैंने ऐसा कभी नहीं कहा कि पद्मावत फिल्म को जब तक राज्य सरकार प्रदेश के सिनेमाघरों में स्क्रीनिंग की अनुमति नहीं देती, तब तक इस फिल्म के ‘घूमर' गाने को प्रदेश के किसी भी कार्यक्रम में नहीं बजाया जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि घूमर गाने पर मेरे द्वारा कल दिये बयान को मीडिया ने गलत अर्थ निकाल कर पेश किया है। मैं तो कह रहा था कि कोई भी कानून अपने हाथ में न ले। अगर किसी को किसी भी चीज या गाने से कोई आपत्ति है तो उसे इस बात की सही जगह पर शिकायत करनी चाहिए। सिंह ने रतलाम जिले के जावरा कस्बे स्थित एक निजी स्कूल में विद्यार्थी द्वारा पद्मावत फिल्म के विवादास्पद गाने ‘घूमर' पर डांस करने के विरोध में करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से स्कूल में उस दिन तोड़फोड़ करने पर पूछे गये सवाल पर कल प्रतिक्रिया दी थी। सिंह ने कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि पद्मावत का गाना मध्यप्रदेश में नहीं बजाया जाना चाहिए।'

स्कूल में करणी सेना की तोड़फोड़

गौरतलब है कि 15 जनवरी को रतलाम जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर जावरा कस्बे स्थित एक निजी स्कूल में वार्षिकोत्सव समारोह में विद्यार्थी द्वारा पद्मावत फिल्म के विवादास्पद गाने ‘घूमर' पर नृत्य करने के विरोध में कथित रूप से करणी सेना के 15-20 कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की थी। इस घटना में एक बच्चे एवं एक पुरूष अभिभावक मामूली रूप से घायल हो गये थे। देश के कई हिस्सों में पद्मावती फिल्म का विरोध करने पर इस फिल्म का नाम पद्मावत रखा गया है।

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