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ISRO ने रचा इतिहास, जानिए 100वें ऐतिहासिक लॉन्च की दस खास बातें

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने आज अपना 100वां उपग्रह कार्टोसेट-2 सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है।

ISRO ने रचा इतिहास, जानिए 100वें ऐतिहासिक लॉन्च की दस खास बातें

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने आज अपना 100वां उपग्रह कार्टोसेट-2 सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। चेन्नई से 110 किलोमीटर दूर स्थित श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से इस 100वें उपग्रह के साथ 30 अन्य उपग्रह यानी कुल 31 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे गए हैं।

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आइए जानते हैं पीएसएलवी-सी 40 से जुड़ी दस ख़ास बातें...

  1. अपने 42वें मिशन के लिए इसरो ने अपने भरोसेमंद पीएसएलवी-सी 40 को अंतरिक्ष में भेजा, ये रॉकेट जिन 31 सैटेलाइट को अपने साथ लेकर गया है उसमें कार्टोसैट-2 सबसे भारी है।
  2. 30 सह-यात्रियों के साथ भरी उड़ान। इनका कुल वजन कुल वजन करीब 613 किलोग्राम है।
  3. सह-यात्री उपग्रहों में भारत का एक माइक्रो और एक नैनो उपग्रह शामिल हैं।
  4. पृथ्वी के अवलोकन के लिए 710 किलोग्राम का कार्टोसेट-2 प्राथमिक उपग्रह है , जिसमें 100 किलोग्राम का माइक्रो और 10 किलोग्राम का नैनो उपग्रह भी शामिल है.
  5. इसरो का रॉकेट जिन देशों के सैटेलाइट लेकर अंतरिक्ष में लेकर गया है, उसमें कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, गणराज्य कोरिया, यूके और यूएसए के माइक्रो और नैनो उपग्रह शामिल हैं।
  6. 28 उपग्रहों में 19 अमेरिका, पांच दक्षिण कोरिया और एक-एक कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और फिनलैंड के हैं।
  7. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से इस 44.4 मीटर लंबे रॉकेट को प्रक्षेपित किया गया।
  8. इसरो और एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच हुए व्यापारिक समझौतों के तहत इन 28 अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों को प्रक्षेपित किया गया। यह 100वां उपग्रह कार्टोसेट -2 श्रृंखला का तीसरा उपग्रह है।
  9. 09.29 बजे की लॉन्च के बीस मिनट के भीतर सैटेलाइट एक-एक करके पृथ्वी की ऊपरी कक्षा में स्थापित होने लगे। सबसे पहले कार्टोसेट-2 कक्षा में स्थापित हुआ. इसके बाद एक एक करके दूसरे उपग्रह स्थापित होते चले गए।
  10. पिछले साल 31 अगस्त को भी इसी तरह के रॉकेट से उपग्रह आईआरएनएसएस-1 एच लॉन्च किया गया था, लेकिन इसकी हीट शील्ड न खुलने के कारण ये सैटेलाइट रॉकेट के चौथे चरण में ही असफल हो गया था।
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