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हिंदू-मुस्लिम दोस्तों ने एक-दूसरे की पत्नी को दी ''किडनी''

धार्मिक सीमाओं को तोड़कर हिंदू और मुस्‍ल‍िम परिवारों ने एक-दूसरे की मदद करके देश के सामने मिशाल पेश की है।

हिंदू-मुस्लिम दोस्तों ने एक-दूसरे की पत्नी को दी

जयपुर. एक तरफ जहां हिंदू मुस्लिम के बीच इतना तनाव बना हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ धार्मिक सीमाओं को तोड़कर जयपुर के हिंदू और मुस्‍ल‍िम परिवारों ने एक-दूसरे की मदद करके देश के सामने बेहतर मिशाल पेश की है। दोनों परिवारों के मरीजों के लिए किडनी की जरूरत थी, जो उन्‍हें अपने परिवार में नहीं मिल रही थी, आखिरकार दोनों परिवारों ने एक-दूसरे की मदद की।

बता दें कि ईद के पहले 40 वर्षीय अनवर अहमद और विनोद मेहरा ने किडनी डोनेट किया, क्योकि दोनों की पत्नियों की किडनी उनके पती से बिल्कुल भी मैच नहीं हो रही थी। किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ आशुतोष सोनी ने बताया कि विनोद की पत्नी अनीता पिछले कुछ वर्षों से एक ऐसी बीमारी से जूझ रही थी जिससे उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। वहीं डॉ. ने अहमद की पत्नी तस्लीम जहान के किडनी फेल होने की वजह अत्यधिक मात्रा में पेन किलर का सेवन करना बताया है।
बता दें कि दोनों कपल का ब्लड एक दूसरे से मैच नहीं कर रहा था। डॉ का कहना है कि विनोद का ब्लड ग्रुप A पॉजिटिव और उनकी पत्नी का ब्लड ग्रुप B पॉजिटिव था। वहीं अहमद का ब्लड ग्रुप B पॉजिटिव और उनकी पत्नी का ब्लड ग्रुप A पॉजिटिव था जिससे किडनियां ट्रांसप्लांट करना नामुमकिन था, क्योकि ह्यूमन ऑरगन ट्रांसप्लांट एक्ट के मुताबिक, पीड़ित के नजदीकी रिश्तेदारों के द्वारा ही किडनी डोनेट किया जा सकता है। लेकिन इजाजत लेकर ऐसा किया जा सकता है उस वक्त जब किड़नियां परफेक्ट मैच करे। और यहां तो केस ही अलग था यहां पर एक दूसरे की पत्नियों से परफेक्ट मैच कर रही थी। 2 सितंबर के दिन विनोद और अहमद ने एक दूसरे की पत्नी को खुशी-खुशी किडनी डोनेट किया।
डॉ सोनी ने बताया कि 90 फीसदी किडनी डोनेट करने वाली सिर्फ महिलाएं ही होती हैं लेकिन यह दोनों महिलाओं को किडनी देने वाले दोनों शख्स पुरूष हैं। उन्होने बताया कि विनोद और अनवर को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है जबकि उनकी पत्नियों को सोमवार को डिस्चार्ज किया जाएगा।
किडनी डोनेट करने से पहले विनोद इस बात से बेहद खुश थे उनका कहना है कि अहमद के लिए ईद खुशी लेकर आएगा तो यह मेरे लिए भी किसी दिवाली से कम नहीं होगा। विनोद का कहना है कि मैं किसी भी धर्म में भेद भाव नहीं करता हूं मेरे लिए हिंदू मुस्लिम भाई-भाई है और हम दोनों परिवार एक लाइफटाइम इस रिश्ते को बरकरार रखेंगे।
साभार- indiatimes
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