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चुनाव आयोग रिश्वत मामला: उच्च न्यायालय ने बिचौलिए की जमानत याचिका खारिज की

दिल्ली उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग रिश्वत मामले में गिरफ्तार एक बिचौलिए की जमानत याचिका आज खारिज कर दी।

चुनाव आयोग रिश्वत मामला: उच्च न्यायालय ने बिचौलिए की जमानत याचिका खारिज की

दिल्ली उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग रिश्वत मामले में गिरफ्तार एक बिचौलिए की जमानत याचिका आज खारिज कर दी। इस मामले में अन्नाद्रमुक के नेता टीटीवी दिनाकरण और अन्य भी कथित तौर पर शामिल हैं।

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने बिचौलिए सुकेश चंद्रशेखर की याचिका खारिज की। उसे पिछले वर्ष 16 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। उच्च न्यायालय एक बार उसके जमानत के अनुरोध को ठुकरा चुका है जबकि निचली अदालत तीन बार जमानत देने से इनकार कर चुकी है।
दिल्ली पुलिस ने उसकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि हिरासत में रहते हुए भी उसकी गतिविधियों से कानून के प्रति असम्मान झलकता है इसलिए उसे राहत नहीं दी जानी चाहिए। अतिरिक्त लोक अभियोजक हिरेन शर्मा ने अदालत को बताया कि चंद्रशेखर के हिरासत में रहने के दौरान उसके खिलाफ तीन और मामले दर्ज हुए हैं, इसके साथ उसके खिलाफ कुल 24 एफआईआर दर्ज हैं।
आरोपी के हिरासत में रहने के दौरान उसके खिलाफ दर्ज की गई तीन नई प्राथमिकी का जिक्र करते हुए अभियोजक ने कहा कि चंद्रशेखर को रेलगाड़ी से ले जाना चाहिए था, लेकिन वह नौ अन्य पुलिसकर्मियों के साथ विमान के जरिए गए, उनमें से सभी को सेवा से बर्खास्त किया गया।
अधिवक्ता ने यह भी दावा किया कि आरोपी ने मामले की सुनवाई कर रही निचली अदालत के न्यायाधीश को फोन किया और खुद को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश कार्यालय का कर्मचारी बताया। उसने न्यायाधीश से जमानत देने को कहा।
अभियोजक ने कहा कि यह कॉल एक कांस्टेबल के फोन से किया गया था, तब चंद्रशेखर हिरासत में था।
चंद्रशेखर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर नंदराजोग और अधिवक्ता आनंद पांडे ने कहा कि दिनाकरण जिन्हें कथित तौर पर मुख्य रूप से फायदा पहुंचा है उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है और पुलिसकर्मी को भी वही राहत मिली चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य आरोपी जिनमें दिनाकरण के करीबी सहयोगी मल्लिकार्जुन और संदिग्ध हवाला ऑपरेटर नाथू सिंह और ललित कुमार भी शामिल हैं, उन्हें भी जमानत मिल चुकी है।
उच्चतम न्यायालय ने गत 15 जून को उसकी जमानत याचिका को अस्वीकार करते हुए कहा था कि पुलिस ने उसके पास से राज्यसभा का फर्जी सदस्य आईडी बरामद किया है।
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