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Happy New Year: ''आनंद'' की इस कविता को पढ़ कर आप भी कहेंगे ''मेरा भारत जिंदाबाद रहे''

नया साल (Happy New Year 2019) बस कुछ ही पलों में अपनी दस्तक दे देगा। दुनिया के कई देशों में नया साल आ भी चुका है। कुछ घंटों में भारत भी नए साल का स्वागत करेगा। लोग नए साल का स्वागत करने का इंतजार कर रहे हैं। सभी नए साल का इंतजार नई उम्मीदों के साथ कर रहे हैं। कई लोग आज अपनी पुरानी बातों को भूल कर एक नई शुरुआत करेंगे। कुछ लोग आज नए प्रण लेंगे कि वह कल से जल्दी उठेंगे, अपनी सेहत का ध्यान रखेंगे। वहीं कुछ लोग यह उम्मीद करेंगे कि हम देश को सुधारने के लिए काम करेंगे। ये करेंगे- वो करेंगे। देश के लिए क्या योगदान देना चाहिए और भारत को महान बनाने का प्रण कैसे लिया जा सकता है आनंद श्रीवास्तव ''अदम्य'' (Anand Srivastava) की इस कविता से समझा जा सकता है।

Happy New Year:
Happy New Year 2019 Poetry
नया साल (Happy New Year 2019) बस कुछ ही पलों में अपनी दस्तक दे देगा। दुनिया के कई देशों में नया साल आ भी चुका है। कुछ घंटों में भारत भी नए साल का स्वागत करेगा। लोग नए साल का स्वागत करने का इंतजार कर रहे हैं। सभी नए साल का इंतजार नई उम्मीदों के साथ कर रहे हैं। कई लोग आज अपनी पुरानी बातों को भूल कर एक नई शुरुआत करेंगे। कुछ लोग आज नए प्रण लेंगे कि वह कल से जल्दी उठेंगे, अपनी सेहत का ध्यान रखेंगे। वहीं कुछ लोग यह उम्मीद करेंगे कि हम देश को सुधारने के लिए काम करेंगे। ये करेंगे- वो करेंगे। देश के लिए क्या योगदान देना चाहिए और भारत को महान बनाने का प्रण कैसे लिया जा सकता है
आनंद श्रीवास्तव 'अदम्य'
(Anand Srivastava) की इस कविता से समझा जा सकता है।

भारत जिंदाबाद रहे...

कुछ वादे यूं ही बीत गए कुछ वादे हमको याद रहे।

वादे पूरे हों न हो पर ज़िन्दगी ज़िंदाबाद रहे।

कुछ वादे यूं ही बीत गए कुछ वादे हमको याद रहे।

वादे पूरे हों न हों पर ये ज़िन्दगी ज़िंदाबाद रहे।।

इस नए साल में हम सब की बस इतनी फरियाद रहे।
बना रहे ये प्रेम हमारा मानवता सबको याद रहे।
हो खुशहाली हर गलियों में ज़िन्दगी ज़िंदाबाद रहे।
रह कर अनेक हम रहें एक बस प्रेम हमारी जात रहे।
मेरे हिस्से की सारी खुशियां तेरे हिस्से में आ जाए।
गले मिलें राम रहीम और आपस में ऐसी बात कहें।
रह कर अनेक हम रहें एक बस प्रेम हमारी जात रहे।
हम रहें कहीं भी बस हमको अपनी मिट्टी याद रहे।
इस नए साल में हम सब की बस इतनी फरियाद रहे।
हो खुशहाली हर गलियों में ज़िन्दगी ज़िंदाबाद रहे।
करे हमारा देश तरक्की नगर नगर में विकास रहे।
न हो भ्रष्टाचार कहीं भी नेताओं से ये आस रहे।
मदमस्त न हो पद के मद में हमारी नौकरशाही,
सबको को अपने अपने कर्तव्यों का एहसास रहे।
करे हमारा देश तरक्की नगर नगर में विकास रहे।
सत्ता में रह कर उनको अपनी जिम्मेदारी याद रहे।
इस नए साल में हम सब की बस इतनी फरियाद रहे।
हो खुशहाली हर गलियों में ज़िन्दगी ज़िंदाबाद रहे।
लहराए परचम भारत का , सारे जग में हमारी प्रसिद्धि हो।
बढ़े निरंतर प्रगति के पथ पर समृद्धि में वृद्धि हो।
इस नए साल में हम सब की यही फरियाद रहे
मेरा भारत ज़िंदाबाद रहे मेरा भारत ज़िंदाबाद रहे।
© आनन्द "अदम्य"
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