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2017: सेंसेक्स में साल की सबसे बड़ी गिरावट, जानिए सालभर का पूरा आंकड़ा

साल 2017 में देश का राजकोषीय घाटा अक्टूबर अंत तक 2017-18 के पूरे साल के बजट अनुमान के समक्ष 96.1% तक पहुंच चुका है।

2017: सेंसेक्स में साल की सबसे बड़ी गिरावट, जानिए सालभर का पूरा आंकड़ा

शेयर बाजार में गुरुवार को भारी उठापटक देखी गई और सेंसेक्स में एक दिन के सत्र में साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। राजकोषीय घाटा बढ़ने की चिंताओं को इसके पीछे अहम कारण माना जा रहा है।

इससे बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली का दौर निकल पड़ा। बीएसई सेंसेक्स 453 अंक लुढ़ककर 33,149.35 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी आज 10,300 अंक के स्तर से नीचे बंद हुआ।

इस गिरावट से बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के निवेशकों की बाजार पूंजीकरण राशि 1.06 लाख करोड़ रुपए से अधिक घट गई।

आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि देश का राजकोषीय घाटा अक्टूबर अंत तक 2017-18 के पूरे साल के बजट अनुमान के समक्ष 96.1% तक पहुंच चुका है।

इसकी वजह राजस्व का कम संग्रहण होना और खर्च का बढ़ना है। दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर आंकड़े जारी होने से पहले निवेशकों ने भी अपनी स्थिति को कमजोर बनाए रखा।

ब्रोकरों के अनुसार नवंबर माह के वायदा एवं विकल्प सौदों का निपटान होने और एशियाई बाजारों के कमजोर रुख का असर भी बाजार धारणा पर पड़ा।

तीस कंपनियों के शेयर मूल्य पर आधारित सेंसेक्स 453.41 अंक यानी 1.35% गोता लगाकर 33,149.35 अंक पर बंद हुआ। नवंबर 2015 के बाद किसी एक सत्र में सेंसेक्स में यह सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

तब यह 514.19 अंक गिर गया था। इसी प्रकार 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित एनएसई का निफ्टी 134.75 अंक यानी 1.30% गिरकर 10,226.55 अंक रह गया।

बैंकिंग शेयरों का बुरा हाल

बैंकों का अच्छा प्रदर्शन नहीं होने का भी असर बाजार पर पड़ा है।' बाजार की इस उठापटक में सबसे बुरा प्रदर्शन कोटक बैंक का रहा। इसका शेयर 2.63% तक गिर गया। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक के शेयर में 2.54% की गिरावट देखी गई।

इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, विप्रो, टाटा स्टील, ल्यूपिन, एमएंडएम, एचडीएफसी, सन फार्मा, सिप्ला, पावर ग्रिड, आईटीसी, अडाणी पोर्ट, टीसीएस, ओएनजीसी, इंफोसिस और मारुति सुजुकी का प्रदर्शन भी खराब रहा है।

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