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Happy Holi : होली की सबसे बेहतरीन शायरी, कविता, लोकगीत और रस रंग

रंगों का त्योहार होली (Happy Holi) के लिए एक दिन बचा है। आज 20 मार्च को होलिका दहन (Holika Dahan) है और गुरुवार को 21 मार्च को होली (Holi) मनाई जाएगी। इस दिन को सिर्फ रंग और गुलाल से ही नहीं लोग नाच गाने और कवि सम्मेलन कर भी इस दिन को मनाते हैं।

Happy Holi : होली की सबसे बेहतरीन शायरी, कविता, लोकगीत और रस रंग
रंगों का त्योहार होली (Happy Holi) के लिए एक दिन बचा है। आज 20 मार्च को होलिका दहन (Holika Dahan) है और गुरुवार को 21 मार्च को होली (Holi) मनाई जाएगी। इस दिन को सिर्फ रंग और गुलाल से ही नहीं लोग नाच गाने और कवि सम्मेलन कर भी इस दिन को मनाते हैं। इस त्योहार को रंगीन बनाने के लिए यहां हैं होली की सबसे बेहतरीन शायरी (Shayari), कविता (Poem), लोकगीत (Lokgeet) और रस रंग (Ras Rang)। आप भी अपने रिश्तेदारों, परिवारवालों और करीबियों को कविताएं शेयर कर सकते हैं। गूलल (Google) से लेकर सोशल मीडिया (Social Media) तक लोग होली पर होली शायरी, होली कविता, होली लोकगीत और होली रस रंग को शेयर कर रहे हैं।

Happy Holi Poem, Shayari, Lokgeet and Ras Rang / होली की सबसे बेहतरीन शायरी, कविता, लोकगीत और रस रंग

नाना नव रंगों को फिर ले आयी होली,
उन्मत्त उमंगों को फिर भर लायी होली !
आयी दिन में सोना बरसाती फिर होली,
छायी, निशि भर चाँदी सरसाती फिर होली !
रुनझुन-रुनझुन घुँघरू कब बाँध गयी होली,
अंगों में थिरकन भर, स्वर साध गयी होली !
उर मे बरबस आसव री ढाल गयी होली,
देखो, अब तो अपनी यह चाल नयी हो ली !
स्वागत में ढम-ढम ढोल बजाते हैं होली,
होकर मदहोश गुलाल उड़ाते हैं होली !
महेन्द्र भटनागर

Happy Holi Poem, Shayari, Lokgeet and Ras Rang / होली की सबसे बेहतरीन शायरी, कविता, लोकगीत और रस रंग

होली खेले लाड़ली मोहन सें।
बाजत ताल मृदंग झांझ ढप
शहनाई बजे सुर तानन से। होली...
भर पिचकारी मोरे सन्मुख मारी
भीज गईं मैं तन मन से। होली...
उड़त गुलाल लाल भये बादल
रोरी भलें दोऊ गालन सें। होली...
फगुआ मिले बिन जाने न दूंगी
कह दो यशोदा अपने लालन सें।
होली खेले लाड़ली मोहन सें।
बुन्देली

Happy Holi Poem, Shayari, Lokgeet and Ras Rang / होली की सबसे बेहतरीन शायरी, कविता, लोकगीत और रस रंग

मोहन खेल रहे है होरी ।
गुवाल बाल संग रंग अनेकों, धन्य-धन्य यह होरी ।
वो गुलाल राधे ले आई, मन मोहन पर ही बरसाई,
नन्दलाल भी लाल होगये, लाल-लाल वृज गौरी ।
गुवाल सखा सब चंग बजावें, कृष्ण संग में नाचें गावें,
ऐसी धूम मचाई कान्हा, मस्त मनोहर जोरी ।
नन्द महर घर रंग रँगीला,रंग-रंग से होगया पीला,
बहुत सजीली राधे रानी, वे अहिरों की छोरी ।
शोभा देख लुभाये शिवजी, सती सयानी के हैं पिवजी,
शिवदीन लखी होरी ये रंग में, रंग दई चादर मोरी ।
शिवदीन राम जोशी

Happy Holi Poem, Shayari, Lokgeet and Ras Rang / होली की सबसे बेहतरीन शायरी, कविता, लोकगीत और रस रंग

आई खेलि होरी, कहूँ नवल किसोरी भोरी,
बोरी गई रंगन सुगंधन झकोरै है ।
कहि पदमाकर इकंत चलि चौकि चढ़ि,
हारन के बारन के बंद-फंद छोरै है ॥
घाघरे की घूमनि, उरुन की दुबीचै पारि,
आँगी हू उतारि, सुकुमार मुख मोरै है ।
दंतन अधर दाबि, दूनरि भई सी चाप,
चौवर-पचौवर कै चूनरि निचौरै है ॥
पद्माकर

Happy Holi Poem, Shayari, Lokgeet and Ras Rang / होली की सबसे बेहतरीन शायरी, कविता, लोकगीत और रस रंग

मोहन हो-हो, हो-हो होरी ।
काल्ह हमारे आँगन गारी दै आयौ, सो को री ॥
अब क्यों दुर बैठे जसुदा ढिंग, निकसो कुंजबिहारी ।
उमँगि-उमँगि आई गोकुल की , वे सब भई धन बारी ॥
तबहिं लला ललकारि निकारे, रूप सुधा की प्यासी ।
लपट गईं घनस्याम लाल सों, चमकि-चमकि चपला सी ॥
काजर दै भजि भार भरु वाके, हँसि-हँसि ब्रज की नारी ।
कहै ’रसखान’ एक गारी पर, सौ आदर बलिहारी ॥
रसखान
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