Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

गुड़गांव: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढेगा बिल्डरों पर दबाव

सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट कंपनी यूनीटेक को 15 करोड़ रुपये जमा कराने के आदेश दिए हैं।

गुड़गांव: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढेगा बिल्डरों पर दबाव
नई दिल्‍ली. रियल एस्टेट कंपनी यूनीटेक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने कंपनी को गुड़गांव के विस्टा प्रोजेक्ट के फ्लैट खरीददारों को रकम लौटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने गुड़गांव के सेक्‍टर 70 की विस्‍टा सोसायटी में ग्राहकों को फ्लैट देने में देरी मामले में कंपनी को 15 करोड़ रुपये जमा कराने के आदेश दिए हैं।
यूनिटेक विस्टा प्रोजेक्ट 2009 में सेक्टर 70 में लॉच हुआ था। दिसंबर 2012 में ही लोगों को फ्लैट आवंटित किए जाने थे। 14 फ्लोर के 32 टॉवर में यूनिटेक यहां 1300 अपार्टमेंट बना रहा था। कंपनी तीन टावर में 90 फीसदी और शेष में 30 फीसदी तक ही काम कर सकी है।
अदालत पहुंचे कुछ खरीददारों ने कहा था कि उन्हें रुपये नहीं बल्कि फ्लैट चाहिए लेकिन पिछली सुनवाई पर कंपनी के अधिवक्ताओं ने कहा था कि कंपनी के पास पैसा होता तो वह फ्लैट और भवन बना कर देती।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से बिल्डरों से सताए लोगों में उम्मीद तो जगी है लेकिन ऐसे भी लोग ज्यादा है जिनका कहना है कि उन्हें रुपये की वापसी नहीं बल्कि आशियाना चाहिए। यूनिटेक विस्टा गुड़गांव के अधिकांश खरीददार अदालती निर्णय को तात्कालीक राहत करार देते हैं लेकिन उनकी निगाहें 4 अक्तूबर को होने वाले फैसले पर टिकी हैं।
इससे पहले नोएडा के बरगंडी सोसाइटी में भी ग्राहकों को तय वक्त पर फ्लैट न देने के मामले में भी यूनीटेक से सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जो ग्राहक पैसे वापस लेना चाहते हैं उनकी सूची तैयार कर यूनिटेक को दी जाए। हालांकि यूनीटेक ने विरोध करते हुए कहा था कि कंपनी के पास रुपये नहीं हैं, इसलिए निर्माण काम बंद है। जबकि सुप्रीम कोर्ट में ग्राहकों की ओर से कहा गया कि काफी वक्त से काम बंद है और निर्माण कार्य एक इंच नहीं हुआ। इसलिए फ्लैट की उम्मीद नहीं है, लिहाजा सूद समेत पैसा वापस किया जाए।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलोकरें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top