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गुजरात में 15 साल बाद एक साथ दिखे मोदी-नीतीश, इस बात पर हुई थी दोनों में दुश्मनी

2002 से लेकर 2012 तक लगातार पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे लेकिन दोनों साथ में गुजरात की धरती पर नजर नहीं आए थे।

गुजरात में 15 साल बाद एक साथ दिखे मोदी-नीतीश, इस बात पर हुई थी दोनों में दुश्मनी

गुजरात में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मारी। गुजरात में छठी बार भाजपा की सरकार बनी। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में मंगलवार को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया जिसमें विजय रूपाणी ने मुख्यमंत्री पद की और नितिन पटेल ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

इस शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत केंद्रीय मंत्रियों एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता बनें। इस समारोह में एनडीए शासित 18 राज्यों के मुख्यमंत्री भी नजर आए। इस समारोह में नीतीश कुमार का शामिल होना बेहद खास था। ऐसा इसलिए क्योंकि पीएम मोदी और नीतीश कुमार के रिश्तों में कई उतार-चढ़ाव पहले देखने को मिल चुके हैं।
2002 में जब गुजरात दंगे हुए तो पूरे देश में ये दंगे चर्चा का विषय बने। नरेंद्र मोदी सरकार पर इल्जाम लगा कि वो दंगे रोकने में कामयाब नहीं रहे। इसके साथ ही जब गोधरा ट्रेन कांड हुआ और ट्रेन को आग को हवाले किया गया तब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी और नीतीश कुमार उस वक्त रेल मंत्री थे।
वाजपेयी ने गुजरात सरकार को राजधर्म निभाने की नसीहत दी और नीतीश कुमार जांच के लिए गुजरात गए और अपनी रिपोर्ट पेश की। गोधरा कांड कानून व्यवस्था का मामला था जो कि राज्य सरकार का विषय है। इसके बाद से नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के रिश्तों को लेकर चर्चा होनी लगी। 2004 में अटल सरकार गई और 2005 में नीतीश सरकार ने वापसी कर बिहार की सत्ता संभाली। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनें।
2002 से लेकर 2012 तक लगातार पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे लेकिन दोनों साथ में गुजरात की धरती पर नजर नहीं आए थे। हालांकि गुजरात से बाहर दोनों ने कई बार मंच साझा किया।
यहां से हुई थी दोनों में दुश्मनी की असर शुरूआत
जून 2010 की बात है जब पटना में बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई तो नीतीश कुमार ने भाजपा नेताओं के लिए प्रस्तावित डिनर पार्टी को रद्द कर दिया। बिहार में बाढ़ प्रभावितों की मदद को लेकर गुजरात सरकार के विज्ञापन से नीतीश कुमार खुश नहीं थे। नीतीश ने डिनर पार्टी कैंसिल कर गी और बाढ़ पीड़ितों के लिए गुजरात सरकार दवारा भेजी राशि भी लौटा दी। सार्वजनिक तौर पर नीतीश कुमार ने उस विज्ञापन की आलोचना भी की।
इसके बाद 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान बीजेपी मोदी के चेहरे पर लोकसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रही थी और दूसरी ओर नीतीश कुमार से भी पीएम पद की दावेदारी के सवाल किए जा रहे थे। प्रकाश पर्व पर पीएम मोदी पटना गए और नीतीश कुमार मंच पर उनके साथ ठहाके लगाते दिखे। गौरतलब है कि 2002 के बाद आज ऐसा पहली बार हुआ जब नीतीश कुमार और पीएम मोदी साथ में गुजरात की धरती पर नजर आए।
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