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गुजरात चुनाव 2017: राहुल गांधी के सामने ये हैं तीन बड़ी चुनौती, सबसे मुश्किल दौर में कांग्रेस

राहुल गांधी का अगला कांग्रेस अध्यक्ष बनना अब लगभग तय हो गया है क्योंकि इस पद के चुनाव में वही एकमात्र उम्मीदवार हैं।

गुजरात चुनाव 2017: राहुल गांधी के सामने ये हैं तीन बड़ी चुनौती, सबसे मुश्किल दौर में कांग्रेस

राहुल गांधी का अगला कांग्रेस अध्यक्ष बनना अब लगभग तय हो गया है क्योंकि इस पद के चुनाव में वही एकमात्र उम्मीदवार हैं। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के निर्वाचन अधिकारी एम रामचंद्रन ने एक बयान में बताया कि राहुल के पक्ष में दाखिल किए गए सभी 89 नामांकन पत्रों के सेट वैध पाए गए। नामांकन पत्रों के ये सेट सभी राज्यों के डेलीगेटों की ओर से सोमवार को दाखिल किए गए थे।

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रामचंद्रन ने कहा, हमने सभी नामांकनों पत्रों की जांच की और पाया कि सभी 89 नामांकन पत्र वैध हैं। अब केवल एक वैध मनोनीत उम्मीदवार राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में हैं। नामांकन पत्र वापस लेने की आखिरी तारीख 11 दिसंबर है। पार्टी संविधान के अनुसार उसी के बाद नए अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

सबसे मुश्किल दौर

राहुल अध्यक्ष पद संभालने वाले नेहरू-गांधी परिवार के छठे और कांग्रेस के 60वें सदस्य होंगे। पार्टी में 7 साल बाद हो रहे चुनाव में वह मां सोनिया गांधी की जगह लेंगे। राहुल सबसे मुश्किल दौर में पार्टी के अध्यक्ष बन रहे हैं। इस वक्त देश के महज 10 फीसदी हिस्से में कांग्रेस का शासन रह गया है।

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मोदी लहर से निबटना

कांग्रेस अध्‍यक्ष के रूप में अब राहुल को सीधे नरेंद्र मोदी से मुकाबला करना होगा। भारतीय जनता पार्टी मोदी के नाम पर पूरे देश में लगातार कई चुनाव जीती है। मोदी लहर इस कदर हावी रहा है कि उसने कांग्रेस से उसके असम जैसे परंपरागत गढ़ भी छीन लिए हैं। राहुल के लिए इस मोदी लहर से निपटना एक बड़ी चुनौती होगी।

मजबूत विपक्ष तैयार करना

चुनावों में भाजपा के बेहतरीन प्रदर्शन की एक वजह यह भी है कि मुख्‍य विपक्ष के रूप में संसद के अंदर और बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत फीका रहा है। कांग्रेस को जनसभाओं से लेकर संसद तक हर मौके, मुद्दे और मंच का इस्‍तेमाल मोदी सरकार पर हमला बोलने के लिए करना होगा। राहुल गांधी को भाजपा सरकार के खिलाफ एक मजबूत विपक्ष के रूप में नेतृत्‍व करना होगा।

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