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गुजरात चुनाव परिणामः 55,671 वोटों से जीते विजय रूपाणी, जनसंघ के जमाने से दे रहे हैं भाजपा का साथ

गुजरात चुनाव के परिणाम ने सभी राजनीतिक दलों के सकते में डाल रहे हैं। चुनाव के रूझानों में पीछे चल रहे गुजरात के मुख्यमंत्री बहुत तेजी से आगे बड़े और 46,159 मतों से जीत गए। विजय रूपाणी राजकोट पश्चिम से चुनाव लड़ रहे थे।

गुजरात चुनाव परिणामः 55,671 वोटों से जीते विजय रूपाणी, जनसंघ के जमाने से दे रहे हैं भाजपा का साथ

गुजरात चुनाव के परिणाम ने सभी राजनीतिक दलों के सकते में डाल रहे हैं। चुनाव के रूझानों में पीछे चल रहे गुजरात के मुख्यमंत्री बहुत तेजी से आगे बड़े और 46,159 मतों से जीत गए। विजय रूपाणी राजकोट पश्चिम से चुनाव लड़ रहे थे।

इस जीत के सात विजय रूपाणी का कद पार्टी में और गुजरात में काफी बढ़ जाएगा। विजय रूपाणी ने दूसरी बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इससे पहले वे वर्ष 2006 से 2012 तक राज्य सभा सांसद थे।
2012 में पहली बार उन्होंने राजकोट पश्चिम से चुनाव लड़ा था। आनंदीबेन पटेल सरकार में वे परिवहन मंत्री के रूप में जिम्मेवारी निभा रहे थे। आनंदीबेन के हटने के बाद वह अगस्त 2016 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे।
वह भाजपा के वरिष्ठ नेता है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के करीबी हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर काबिज 60 वर्षीय रुपाणी को संगठन के लिए काम करने का काफी ज्यादा अनुभव है।
जनसंघ से जुड़े थे रूपाणी
वर्ष 1971 में जनसंघ से जुडऩे वाले रूपाणी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़कर छात्र नेता के रूप में अपना राजनीतिक कॅरियर आरंभ किया। वे शुरुआत से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे। भाजपा के महासचिव रह चुके रूपाणी युवाओं में लोकप्रिय हैं। केशुभाई पटेल के जमाने में पार्टी ने उन्हें चुनावी घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाया था।
सौराष्ट्र से सीएम बनने वाले पांचवे नेता
उन्होंने वर्ष 2007 तथा वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में सौराष्ट्र इलाके में काफी अच्छा चुनावी प्रबंधन किया था, जिस कारण भाजपा की भारी जीत हुई थी। 15 वर्ष बाद सौराष्ट्र से सीएम राज्य को 15 वर्ष बाद सौराष्ट्र क्षेत्र से मुख्यमंत्री मिला था। इससे पहले भाजपा के कद्दावर नेता रह चुके केशूभाई पटेल इस क्षेत्र से अंतिम सीएम थे। सौराष्ट्र से इस पद तक पहुंचने वाले रूपाणी पांचवें सीएम हैं।
राज्य के पहले मुख्यमंत्री जीवराज मेहता भी सौराष्ट्र के अमरेली से थे। दूसरे मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता तथा छठे मुख्यमंत्री छबील दास मेहता भावनगर जिले से थे। वर्ष 2001 में वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने से ठीक पहले केशूभाई इस पद पर थे जो सौराष्ट्र के जूनागढ़ जिले से संबद्ध रखते हैं।
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