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गुजरात चुनाव परिणामः कांग्रेस का बड़ा चेहरा 12वीं पास अल्पेश ने जब राहुल को खुश करने के लिए पार कर दिन थी सारी हदें

अल्पेश ठाकोर इस भाषण के बाद मीडिया में काफी चर्चा में रहे। सोशल मीडिया पर अल्पेश के इस भाषण की क्लिप वायरल हुई।

गुजरात चुनाव परिणामः कांग्रेस का बड़ा चेहरा 12वीं पास अल्पेश ने जब राहुल को खुश करने के लिए पार कर दिन थी सारी हदें

अल्पेश ठाकोर ने 63,172 मतों जीत से हासिल की है। वह राधनपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी थे। अल्पेश ने भाजपा के लविंगजी मूलजीजी ठाकोर सोलंकी को 13,235 वोटों से हराया है। सोलंकी को 49,937 हजार वोट ही मिले हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी हर रोज ताइवान से आए मशरूम के 5 पीस खाते हैं। यही उनका फेयरनेस सीक्रेट है। पहले वो मेरे जैसे काले थे, लेकिन अब गोरे हो गए हैं। एक मशरूम की कीमत 80 हजार रुपए है और मोदी रोजाना 4 लाख रुपए का मशरूम खा जाते हैं। एक महीने में तो पीएम मोदी केवल मशरूम खाने में ही एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च कर देते हैं। ऐसा हमने नहीं अल्पेश ठाकोर ने एक भाषण में कहा था।

अल्पेश ठाकोर इस भाषण के बाद मीडिया में काफी चर्चा में रहे। सोशल मीडिया पर अल्पेश के इस भाषण की क्लिप वायरल हुई। इस भाषण के बाद से अल्पेश को गुजरात के बाहर पूरे देश में एक चेहरा बन गए। अल्पेश ठाकोर पहले एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर गुजरात में काम कर रहे थे।
लेकिन गुजरात विधानसभा से ठीक पहले 23 अक्टूबर को अल्पेश कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। कांग्रेस के नए अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में ठाकोर ने पार्टी की सदस्यता ली। अल्पेश गुजरात में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के नेता हैं।
उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन करने का कारण बताया कि वे गुजरात के लोगों को बीजेपी के अन्याय से मुक्ति दिलाना चाहते हैं। अल्पेश ठाकोर , हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी ने गुजरात में बीजेपी सरकार को हटाने के लिए जमकर चुनाव प्रचार अभियान चलाया। हालांकि अल्पेश को छोड़कर दोनों ने कोई राजनीतिक पार्टी ज्वाइन नहीं किया।
बनाए ये दो संगठन
अल्पेश ने "गुजरात क्षत्रिय-ठाकोर सेना" की। उन्होंने "ओबीसी, एससी/एसटी एकता मंच" का गठन किया। जिससे इन समुदायों के लोगों को उचित आरक्षण की मांग का एक सामाजिक प्लेटफॉर्म मिले। अल्पेश से कांग्रेस को कितना फायदा होगा चुनाव परिणाम के बाद पता चलेगा।
अल्पेश गुजरात में ठाकोर समुदाय से आते हैं। उन्होंने खास समुदाय की जनसंख्या के अनुसार आरक्षण की मांग के लिए ओएसएस (ओबीसी, एससी, एसटी) मंच का गठन किया। ताकि इन समुदायों को लोग यूनाइट हो सके।
उन्होंने कहा, हमारा मूवमेंट संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने के लिए काउंटर करेगा। अल्पेश को सितंबर 2015 में मेहसाणा जिले में उस समय गिरफ्तार किया गया। जब वे सभी ओबीसी समुदाय के लोगों को संगठित करने के लिए मीटिंग कर रहे थे।
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