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गुजरात में कांग्रेस के 5 बड़े चेहरे हारे, लेकिन ये तीन फायदे भी हुए

गुजरात विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी भाजपा के ज्यादातर दिग्गजों को जीत मिली है जबकि कांग्रेस के कुछ दिग्गजों को हार का मुंह देखना पड़ा है।

गुजरात में कांग्रेस के 5 बड़े चेहरे हारे, लेकिन ये तीन फायदे भी हुए

गुजरात विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी भाजपा के ज्यादातर दिग्गजों को जीत मिली है जबकि कांग्रेस के कुछ दिग्गजों को हार का मुंह देखना पड़ा है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जीतू वाघानी जैसे दिग्गजों को जीत मिली है।

ये हैं वो 5 चेहरे

जबकि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन मोढ़वाडिया, सिद्धार्थ चिमनभाई पटेल और राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल को करारी शिकस्त का सामना करना पडा है। हालांकि, परेश धनानी और अल्पेश ठाकोर जैसे युवा कांग्रेस नेताओं को जीत मिली है।

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जिग्नेश मेवानी की जीत

कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार जिग्नेश मेवानी ने भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री एवं राजकोट पश्चिम सीट से भाजपा उम्मीदवार विजय रूपाणी ने कांग्रेस के अरबपति उम्मीदवार इंद्रनील राजगुरू को 53,755 वोटों से हराया जबकि नितिन पटेल ने महेसाणा सीट पर कांग्रेस के जीवाभाई अंबालाल को करीब 8,000 वोटों से हराया।

गुजरात में दलित समुदाय के बड़े चेहरे के तौर पर उभरे कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार जिग्नेश मेवानी ने वडगाम सीट पर भाजपा के विजयकुमार हरखाभाई चक्रवर्ती को करीब 20,000 वोटों से पराजित किया।

वहीं, चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने राधनपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार लविंगजी मुलजीजी ठाकोर को करीब 15,000 वोटों से हराया।

साल 2007 से 2012 तक मंत्री रहे व्यास को 2012 के विधानसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा था। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चिमन भाई पटेल के बेटे और दाभोई से कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धार्थ चिमनभाई पटेल को भाजपा के शैलेशभाई कन्हैया लाल मेहता ने करीब 2800 वोटों से हराया।

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ये तीन फायदे हुए

1. पूरे प्रचार अभियान में राहुल गांधी ने जहां भी भाषण दिया, वहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें सुनने आए. सोशल मीडिया पर भी पहली बार उनके पक्ष में माहौल बना दिखा।

2. गठबंधन चलाने के मामले में कांग्रेस को भाजपा के मुकाबले कम परिपक्व माना जाता है।

3. गुजरात में कांग्रेस का प्रदर्शन सुधरने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ने की बात हर तरफ की जा रही है।

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