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गुजरात राज्यसभा चुनाव: मोदी ने बनाया ये प्लान, कांग्रेस के छूटे पसीने

ये चुनाव भाजपा और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।

गुजरात राज्यसभा चुनाव: मोदी ने बनाया ये प्लान, कांग्रेस के छूटे पसीने

गुजरात में कल होने वाला राज्यसभा चुनाव सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। भाजपा द्वारा गुजरात से उच्च सदन के लिये पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को उतारने और कांग्रेस की तरफ से मैदान में अहमद पटेल के खड़े होने से यहां चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।

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गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस चुनावी जंग ने सियासी सरगर्मियां काफी बढ़ा दी हैं। यह जंग नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रमों की पृष्ठभूमि के संदर्भ में शुरू हुई है जिसमें वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शंकरसिंह वाघेला का विद्रोह, आधा दर्जन पाटी विधायकों का इस्तीफा और 44 विधायकों को भाजपा के कथित तौर पर “अपने पाले में करने के” प्रयासों से सुरक्षित रखने के लिए बेंगलुरु स्थानांतरित करने जैसी घटनायें शामिल हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव पटेल को जीतने के लिए 45 मत चाहिए। उनकी पार्टी के पास वर्तमान में 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त है जो बेंगलुरु के समीप एक रिसॉर्ट में एक हफ्ते तक ठहरने के बाद लौटे हैं। आज सुबह लौटने पर उन्हें आणंद जिले के एक रिसॉर्ट में ठहराया गया है।

इनमें से कोई भी अगर क्रॉस वोटिंग नहीं करता है या ‘उपयुक्त में से कोई नहीं' (नोटा) विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, उस स्थिति में भी कांग्रेस को पटेल की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक अतिरिक्त मत की जरूरत होगी। संसद के उच्च सदन में तीन रिक्तियों के लिए चार दावेदार मैदान में हैं और इसमें आखिर तक कुछ भी हो सकने की संभावना जताई जा रही है।

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अमित शाह और स्मृति इरानी के अलावा भाजपा ने बलवंतसिंह राजपूत का नाम आगे बढ़ाया है जो हाल ही में कांग्रेस छोड़ सत्ताधारी पार्टी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस एनसीपी के दो विधायकों और जदयू एवं गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी) के एक-एक विधायक के समर्थन की उम्मीद कर रही है।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार एक प्रत्याशी को जीतने के लिए कुल मतों में से एक चौथाई और एक अतिरिक्त मत हासिल करना होगा यानि एक प्रत्याशी को 45 मत प्राप्त होने चाहिए। सदन में 121 विधायकों वाली भाजपा के दो उम्मीदवार आसानी से जीत हासिल कर सकते हैं।

लेकिन पार्टी आंकड़ों के हिसाब से तीसरे प्रत्याशी के लिए उनके पास केवल 31 मत हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने अपने सभी विधायकों को गांधीनगर बुलाया था जहां उन्हें राज्यसभा में मतदान को लेकर दिशा-निर्देश दिए गये।

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