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GST रिटर्न फाइल करने वालों के लिए जेटली की पोटली से निकला ये शानदार तौहफा

सरकार ने आज कहा कि वह जीएसटी का त्रैमासिक आधार पर रिटर्न भरने की अनुमति देने के बारे में विचार कर रही है।

GST रिटर्न फाइल करने वालों के लिए जेटली की पोटली से निकला ये शानदार तौहफा
सरकार ने आज कहा कि वह जीएसटी का त्रैमासिक आधार पर रिटर्न भरने की अनुमति देने के बारे में विचार कर रही है किन्तु यह कर मासिक आधार पर ही भुगतान करना पड़ेगा क्योंकि ऐसा नहीं होने की स्थिति में राज्यों के लिए कठिनाई उत्पन्न हो जाएगी।
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने एक पूरक प्रश्न के उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्यों को हर माह राजस्व की आवश्यकता पड़ती है। उनके राजस्व के लिए जरूरी है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए व्यापारी मासिक आधार पर रिटर्न भरें।
उन्होंने कहा कि त्रैमासिक आधार पर रिटर्न भरने से राज्यों के लिए परेशानियां खड़ी हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद के सामने जिन वस्तुओं की कर दरों के बारे में प्रतिवेदन आते हैं, उन पर परिषद समुचित विचार विमर्श कर निर्णय करती है। यही कारण है कि कई वस्तुओं पर कर की दर को कम किया गया है।
जेटली ने कहा कि जीएसटी का उद्देश्य है कि किसी एक वस्तु या एक सेवा पर एक ही दर से कर लगे। उन्होंने कहा कि सभी वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान कर की दर लगाना भारत जैसे देशों में संभव नहीं है। यह अमीर देशों के लिए व्यावहारिक है।
जेटली ने बताया कि जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने की प्रक्रिया जारी है तथा समय समय पर जीएसटी परिषद करों की दरों के बारे में समुचित विचार विमर्श कर यह काम करती है।
वित्त मंत्री ने अकाली दल के सरदार बलविन्दर सिंह भुंडर के प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि सरकार बड़ी संख्या में व्यवसायियों द्वारा माल और सेवा कर रिटर्न को मासिक आधार पर दाखिल करने के बजाय त्रैमासिक आधार पर भरे जाने के बारे में विचार कर रही है।

त्रैमासिक आधार भरा जाए

वित्त मंत्री ने अकाली दल के सरदार बलविन्दर सिंह भुंडर के प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि सरकार बड़ी संख्या में व्यवसायियों द्वारा माल और सेवा कर रिटर्न को मासिक आधार पर दाखिल करने के बजाय त्रैमासिक आधार पर भरे जाने के बारे में विचार कर रही है।
उन्होंने बताया कि जीएसटी नेटवर्क के अध्यक्ष ए बी पांडेय के संयोजन में जीएसटी परिषद ने एक समिति गठित की है, जिसका उद्देश्य दायर किए जाने वाले रिटर्न से संबंधित मुद्दों को देखना है और ऐसे सरल तंत्र के बारे में सुझाव देना है जिससे करदाताओं के लिए अनुपालन संबंधी जरूरतें सरल हो सकें।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस समिति ने जीएसटी के त्रैमासिक रिटर्न को दायर करने की प्रक्रिया में कुछ परिवर्तन किए जाने की सिफारिश की है। उक्त समिति की रिपोर्ट को इस मुद्दे पर सिफारिश देने के लिए जीएसटी परिषद के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा
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