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GST Rates : जीएसटी रेट्स को मोदी सरकार ने किए इस साल ये पांच बदलाव

साल 2018 भारतीय राजनीति से लेकर बिजनेस, मनोरंज, खेल, कॅरियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस साल वस्तु एवं सेवा कर ( Goods and Services Tax ) में हुए बदलाव पर लोगों की सबसे ज्यादा नजरे रहीं और चर्चा में भी रहा।

GST Rates : जीएसटी रेट्स को मोदी सरकार ने किए इस साल ये पांच बदलाव
साल 2018 भारतीय राजनीति से लेकर बिजनेस, मनोरंज, खेल, कॅरियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस साल वस्तु एवं सेवा कर ( Goods and Services Tax ) में हुए बदलाव पर लोगों की सबसे ज्यादा नजरे रहीं और चर्चा में भी रहा। डेढ़ साल पहले केंद्र की मोदी (Narendra Modi) सरकार ने देश में माल एवं सेवाकर (GST) 1 जुलाई 2017 को लागू किया था।

रात 12 बजे संसद भवन ले लागू हुई योजना

एक जुलाई 2017 को स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार जीएसटी देश भर में लागू कर दिया गया था। ठीक रात 12 बजे संसद भवन के सेंट्रल हॉल में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (
Pranab Mukherjee
) और प्रधानमंत्री मोदी ने एक साथ बटन दबाकर जीएसटी को लागू किया था।

जीएसटी लागू होने के बाद ये बोले थे पीएम और राष्ट्रपति

पीएम ने एक देश एक टैक्स की इस प्रणाली को लागू करते हुए कहा था कि कानून भले ही जीएसटी को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स कहता है लेकिन मैं इसे गुड एंड सिंपल टैक्स कहता हूं। वहीं प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि जीएसटी एक ऐतिहासिक कदम है और मेरा विश्वास सही निकला।

सबसे बड़ा आर्थिक सुधार

जीएसटी भारत में 1 जुलाई 2017 से लागू एक अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था है। जिसे एक देश एक टैक्स की तर्ज पर लागू किया गया। इस योजना को सरकार और कई अर्थशास्त्रियों ने स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा आर्थिक सुधार मनाया।

केंद्र और राज्यों के टैक्स को किया कम

इस योजना को केंद्र और कई राज्यों द्वारा अलग अलग दरों पर लगाए जा रहे करों को हटाकर पूरे देश के लिए एक ही अप्रत्‍यक्ष कर प्रणाली को लागू किया गया। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए केंद्र सरकार को कई बार इसमें बदलाव किए गए।

जीएसटी लागू होने से पहले का टैक्स

जीएसटी से पहले सभी तरह के सामानों पर 30 से 35 फीसदी तक का टैक्स देना पड़ता था। कुछ चीजों पर तो प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से लगाया जाने वाला टैक्स 50 फीसदी से ज्यादा होता था। लेकिन जीएसटी आने के बाद ये टैक्स 5, 12, 18 और अधिकतम 28 फीसदी ही टैक्स लगाया गया है। जिसमें कोई भी अप्रत्यक्ष कर नहीं होगा।

जीएसटी के बाद इन टैक्स को किया गया खत्म

जीएसटी ने एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, वैट, मनोरंजन कर, लग्जरी कर जैसे बहुत सारे टैक्स को खत्म कर दिया। जीएसटी लागू होने के बाद कहा गया कि जीएसटी अलग-अलग स्तर पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स, वैट, लक्जरी टैक्स, सर्विस कर, आदि की जगह अब केवल जीएसटी लगेगा। जो एक देश एक कर प्रणाली पर शुरू हुआ।

इस साल 66 प्रोडक्ट्स पर टैक्स घटा

जब सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया तो उन्होंने 66 तरह के प्रोडक्ट्स पर टैक्स की दरें घटा दी। हाल ही में एक जुलाई 2018 को जीएसटी लागू होने की वर्षगांठ को मोदी सरकार ने धूमधाम से मनाया।

GST में पांच बड़े बदलाव ( Five Changes in GST)

1. 27 जुलाई को हुई बैठक के दौरान जीएसटी की बैठक में 85 उत्पादों के जीएसटी रेट में बदलाव किए गए। इसमें वॉशिंग मशीन-टीवी और फ्रिज समेत अन्य कई उत्पाद के दाम सस्ते कर दिए गए। 28 फीसदी टैक्स स्लैब में सिर्फ 35 उत्पाद रह गए हैं।
2. टैक्स स्लैब में बदलाव करते हुए जीएसटी परिषद की बैठक में तय हुआ कि फूड ग्राइंडर्स, लिथयिम आयन बैटरी, वैक्यूम क्लीनर, हैंड ड्रायर्स पर 18 फीसदी टैक्स लगया गया तो वहीं 1 हजार रुपये से नीचे के सामान पर 5 फीसदी जीएसटी लगाई गई।
3. सरकार ने इस साल ई-कॉमर्स कंपनियों को जीएसटी के तहत आपूर्तिकर्ताओं को किए गए किसी भी भुगतान पर एक फीसदी टीसीएस देना होगा। राज्य जीएसटी कानून के तहत एक फीसदी टीसीएस भी लगाया।
4. जीएसटी लागू होने से बाजारों में हो रही कालाबाजारी में भी भारी कमी आई। कारोबारियों को अपना टैक्स रिटर्न डिजिटल तरीके से करना होता है। इसमें कारोबारियों को ग्राहकों को दिए गए बिल में जीएसटी भी दिखाना होता है। जिससे टैक्स की चोरी बड़ी मात्रा में रुकी है।
5. पूरे देश में एक टैक्स व्यवस्था आने से राज्य और देश में लगने वाले कई अलग तरह के टैक्स से भी कारोबारियों को राहत मिली। जिसका असर एक साल बाद लोगों को पूरी तरह से दिखा। छोटे कारोबारियों को निकसान हुआ हो लेकिन बड़ी बड़ी कपंनियों पर टैक्स का बोझ को हुआ है। वहीं दो राज्यों के बॉर्डर पर लगने वाले सामान के ट्रकों की लंबी लाइनों से छुटकारा मिला और अलग अलग टैक्स से भी राहत मिली।
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