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अब 1 अप्रैल से घर खरीदना होगा सस्ता, जीएसटी काउंसिल ने नए कर ढांचे को दी मंजूरी

जीएसटी काउंसिल (GST Council) ने आवास परियोजनाओं में मकानों पर नए कर ढांचे को लागू करने की योजना को मंगलवार को स्वीकृति दी। इससे 1 अप्रैल, 2019 से मकान खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा।

अब 1 अप्रैल से घर खरीदना होगा सस्ता, जीएसटी काउंसिल ने नए कर ढांचे को दी मंजूरी
जीएसटी काउंसिल (GST Council) ने आवास परियोजनाओं में मकानों पर नए कर ढांचे को लागू करने की योजना को मंगलवार को स्वीकृति दी। इससे 1 अप्रैल, 2019 से मकान खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा।
31 मार्च तक अपूर्ण रहने वाली आवासीय परियोजनाओं के डेवलपरों को इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ के साथ कर की पुरानी दरों का अनुपालन करने या बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के पांच और एक प्रतिशत के नए कर दर वाले ढांचे में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा।
जीएसटी परिषद ने 24 फरवरी की पिछली बैठक में किफायती दर के निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी दर को घटा कर एक प्रतिशत और अन्य श्रेणी के मकानों पर कर की दर कम कर पांच प्रतिशत कर दी गयी। नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव एबी पांडे ने समिति की 34वीं बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा, जीएसटी परिषद ने आवासीय रीयल एस्टेट परियोजनाओं के लिए नए कर ढांचे की अनुपालन योजना को मंजूरी दे दी है।
इसे एक अप्रैल से लागू किया जाना है। बिल्डरों को बस अपना विकल्प चुनना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के साथ बातचीत कर के आवास विकास के कारोबार में लगी कंपनियों को नए कर ढांचे के अनुपालन के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।
यह 15 दिन से लेकर एक महीने तक हो सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वीडियो कांफ्रेंस से इस बैठक की अध्यक्षता की। इस परिषद में सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। पांडे ने कहा कि इस निर्णय से बिल्डरों को अपने खाली पड़े गैर-बिके मकानों की बिक्री तेज करने में मदद मिलेगी।
ईवाई इंडिया के पार्टनर, अभिषेक जैन ने कहा कि यह निर्णय इस क्षेत्र के लिए नए कर ढांच को अपनाने की दिशा एक बड़ी राहत है। जीएसटी परिषद की अगली बैठक के बारे में पूछे जाने पर पांडे ने कहा कि अब नहीं लगता कि चुनाव सम्पन्न होने से पहले कोई बैठक बुलाई जाए पर यदि कोई जरूरत पड़ी तो चुनाव आयोग से अनुमति ले कर बैठक बुलाई भी जा सकती है।

45 लाख के मकान पर 5.82 लाख की बचत

पहली बार घर अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन प्रोजेक्‍ट में फ्लैट खरीद रहे हैं तो अभी तक 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी का भुगतान करना होता है। वहीं एक अप्रैल से यह दर घटकर 5 फीसदी हो जाएगी। इसके चलते 45 लाख रुपए की प्रॉपर्टी पर 3.15 लाख रुपए की सीधे बचत होगी।
अगर आप पहली दफा घर खरीदने जा रहे हैं तो प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत होम लोन पर 2.67 लाख रुपए की सब्सिडी मिलेगी। इस तरह कुल 5.82 लाख रुपए की बचत होगी।

किफायती घर खरीदना और आसान

देश में घरों की कमी को दूर करने के लिए किफायती घरों की परिभाषा भी बदली गई है। मेट्रो शहर में 60 वर्ग मीटर (करीब 650 वर्ग फीट) के घर फिफायती श्रेणी में जबकि नॉन-मेट्रो शहरों में यह आकार 90 वर्ग मीटर (970 वर्ग फीट) कर दिया गया है। शर्त ये है मकान की कीमत 45 लाख रुपए तक हो। इसका मतलब यह हुआ कि 45 लाख रुपए तक के मकान किफायती श्रेणी में आएंगे।

चुनाव के बाद बैठक

जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक लोकसभा चुनाव के बाद होगी। आज की बैठक के लिए चुनाव आयोग से मंजूरी ली गई थी। राजस्व सचिव ने कहा कि अगर कोई समस्या उठती है तो चुनाव आयोग की मंजूरी से इस बैठक को आयोजित किया जा सकता है।
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