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कार खरीदना हुआ और महंगा, इन करों पर GST 15 से बढ़कर हुआ 25 प्रतिशत

जीएसटी के बाद इन पर कुल कर भार 43% रह गया था।

कार खरीदना हुआ और महंगा, इन करों पर GST 15 से बढ़कर हुआ 25 प्रतिशत

एसयूवी, मध्यम आकार की व बड़ी एवं लक्जरी कारें अब और महंगी हो जाएंगी क्योंकि जीएसटी परिषद ने इन पर उपकर की दर को मौजूदा 15% से बढ़ाकर 25% करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उल्लेखनीय है कि माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के लागू होने के बाद इनकी कीमतें कम हो गईं थी।

जीएसटी के तहत कारों को उच्चतम दर 28% कर की श्रेणी में रखा गया है। इस वर्ग में वस्तुओं वे सेवाओं पर 1-15% तक का उपकर भी लगाया गया है ताकि उससे प्राप्त आय के जरिए जीएसटी में राज्यों को राजस्व में होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके। अब एसयूवी और बड़ी कारों पर उपकर की दर बढ़ा दी गई है।

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वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जीएसटी के बाद कारों पर कुल कर (जीएसटी और उपकर मिलाकर) जीएसटी से पहले वाली व्यवस्था के मुकाबले शुल्क कम हो गया था।

बयान में कहा गया है, ‘जीएसटी परिषद ने 5 अगस्त को हुई अपनी 20वीं बैठक में इस मसले विचार किया और केंद्र सरकार से सिफारिश की कि वह 8702 और 8703 शीर्षक के तहत आने वाले मोटर वाहनों पर अधिकतम उपकर मौजूदा 15% से बढ़ाकर 25% करने के लिए विधायी संशोधन करने का प्रस्ताव रख सकती है।' बढ़ा हुआ उपकर कब से प्रभावी होगा, इसका फैसला जीएसटी परिषद बाद में करेगी।

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उपकर में बढ़ोतरी के लिए जीएसटी (राज्यों को राजस्व नुकसान पर मुआवजा) अधिनियम-2017 के धारा-8 में संशोधन की जरूरत होगी। 8702 और 8703 शीर्षकों के तहत आने वाले मोटर वाहनों में मध्यम श्रेणी, बड़ी कार, एसयूवी और 10 से ज्यादा लेकिन 13 से कम लोगों के बैठाने की क्षमता वाले वाहन और 1500 सीसी से अधिक क्षमता के इंजन वाले हाइब्रिड वाहन तथा 1500 सीसी से कम इंजन के मध्यम दर्जे की हाइब्रिड कारें आती हैं।

जीएसटी फिटमेंट समिति ने अपनी 25 जुलाई की बैठक में पाया कि इन कारों पर कुल कर जीएसटी से पहले की व्यवस्था की तुलना में कम हो गया है। इस समिति पर ही कर की दरों का आकलन करने की जिम्मेदारी है।

जीएसटी से पहले इन कारों पर 52 से 54.72% कर लगता था जिसमें से 2.5% केंद्रीय बिक्री कर :सीएसटी: शमिल था। जीएसटी के बाद इन पर कुल कर भार 43% रह गया था।

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