Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

जीएसटी के बाद ''ई-वे'' बिल होगा लागू, लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा ये बड़ा असर

50 हजार से ज्यादा का सामान दूसरे राज्य में भेजने पर आॅनलाइन पंजीकरण जरूरी होगा।

जीएसटी के बाद

वास्तु एवं सेवाकर जीएसटी की खामियों को दूर करने के लिए जीएसटी परिषद ने शनिवार को देशभर में अगले साल एक जून से ई-वे बिल प्रणाली को लागू करने का फैसला किया है।

परिषद ने जीएसटी के आईटी नेटवर्क की तैयारियों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में ई-वे बिल प्रणाली को लागू करने पर विचार विमर्श किया गया।

विचार विमर्श के दौरान जीएसटी नेटवर्क के हार्डवेयर और साॅफ्टवेयर की तैयारियों का जायजा भी लिया गया। इसमें कहा गया है, राष्ट्रीय स्तर पर ई-वे बिल के लागू होने तक राज्यों को यह अधिकार दिया गया है कि वह ई-वे बिल की अपनी अलग व्यवस्था को जारी रख सकते हैं।

इसे भी पढ़ें- घर खरीदने वालों को सरकार की ओर से बड़ी राहत, ये है नया नियम

हालांकि परिषद ने कहा है कि ई-वे बिल की व्यवस्था 16 जनवरी 2018 से उपलब्ध होगी और राज्य स्वैच्छिक आधार पर जून से पहले भी इसे अपना सकते हैं।

ई-वे बिल व्यवस्था के तहत 50,000 रुपए से अधिक मूल्य का सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने से पहले उसका आॅनलाइन पंजीकरण कराना होगा। राष्ट्रीय स्तर पर अनिवार्य रूप से इसे लागू करने की तिथि एक जून 2018 तय की गई है।

16 जनवरी से स्वैछिक

वित्त मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर ई-वे बिल 16 जनवरी 2018 तक परीक्षण के तौर पर उपलब्ध हो जाएगा। व्यापारी वर्ग और ट्रांसपोर्टर 16 जनवरी से स्वैच्छिक आधार पर इस प्रणाली का इस्तेमाल कर सकेंगे।

इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर इसके क्रियान्वयन के बारे में एक फरवरी 2018 से अधिसूचित कर दिए जाएंगे। इससे सभी राज्यों में माल के सुगम आवागमन को लेकर नियमों में एकरूपता आ जाएगी।

कर चोरी रोकने में मदद

जीएसटी व्यवस्था में एक राज्य से दूसरे राज्य में माल के आवागमन में कर चोरी रोकने के लिए ई-वे बिल प्रक्रिया को शामिल किया गया है।

सरकार ने हाल में जीएसटी राजस्व प्राप्ति में गिरावट के लिए कर चोरी को बड़ी वजह बताया है। अक्टूबर माह में जीएसटी वसूली घटकर 83,346 करोड़ रुपए रह गई। हालांकि, सितंबर में यह आंकड़ा 95,131 करोड़ रुपए पर पहुंच गया था।

Share it
Top