Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

जीएसटी की ये 5 बातें आप पर ऐसे डालती हैं असर

किस स्लैब में कौनसी वस्तुएं आएंगी, इसको लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

जीएसटी की ये 5 बातें आप पर ऐसे डालती हैं असर
X
नई दिल्ली. जीएसटी काउंसिल ने टैक्स स्लैब तय कर दिया है। इसके तहत चार तरह के टैक्स स्लैब बनाए गए हैं। जिनके आधार पर प्रोडक्ट्स पर रेट लगाए लगाए जाएंगे। जिससे यह तय होगा कि जीएसटी लागू होने के बाद चीजों के दाम पर क्या असर पडेंगे। आइए जामते हैं जीएसटी की 5 बातें जो आप पर असर डालेंगी।
वस्तुओं को लेकर अनिश्चितता
जीएसटी काउंसिल ने 5 फीसदी, 12 फीसदी और 18 फीसदी का टैक्स स्लैब तय किया है। हालांकि अभी तक किस स्लैब में कौनसी वस्तुएं आएंगी, इसको लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

जीएसटी की नई कर व्यवस्था लागू होने के बाद टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और एसी जैसे कन्जयूमर ड्यूरेबल जैसे सामानों की कीमतें नई कर व्यवस्था लागू होने के बाद अपेक्षाकृत कम होंगी।

ये होंगे सस्ते
अनाज जैसे बेहद जरुरत की सामान पर जीरो टैक्स लगेगा। इस दर पर खुदरा महंगाई दर के आंकलन में शामिल होने वाले करीब 50 फीसदी सामान है। 12-18 फीसदी की दो स्टैंडर्ड रेट रखी गई है, रोजर्मरा के सामान जैसे साबुन, शैंपू, शेविंग क्रीम वगैरह इस सूची में आ सकते हैं। 28 फीसदी की दर टीवी, फ्रिज जैसे व्हाइट गुड्स और सामान्य कारों के लिए होगी।

ये हुआ महंगा

एरिटेड ड्रिंक्स, पान मसाला, तंबाकू के उत्पाद और लग्जरी सामान पर जीएसटी की दर 28 फीसदी होगी, लेकिन इसके अलावा इन सामान पर सेस भी लगेगा।

सेस से बढ़ी चिंता

काउंसिल ने लग्जरी प्रोडक्ट्स पर सेस लगाने का फैसला किया है। इसके तहत लग्जरी कार , तंबाकू, एरिएटेड ड्रिंक्स पर सेस लगाया जाएगा। जीएसटी का मतलब सरल टैक्स स्ट्रक्कर है। ऐसे में चार स्लैब बनाना और अस पर सेस का प्रावधान करना सही नहीं है। सेस के जरिए केंद्र सरकार राज्यों से अपनी कमाई का जरिया बनाया रखना चाहती है। ऐसा इसलिए है कि सेस केंद्र के हिस्से में आता है।

क्या सस्ते क्या महंगे

जब प्रोडक्ट की लिस्ट स्लैब के अनुसार नहीं आएगी, तब कुछ भी स्पष्ट कहना सही नहीं है कि कौनसी चीजें महंगी हो जाएंगी और कौन सी चीजें सस्ती हो जाएंगी। काउंसिल ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जरूरी और रोजमर्रा की वस्तुओं को 0-5 फीसदी के टैक्स स्लैब में रखा जाएगा। ऐसे में फूड आयटम, एफएमसीजी प्रोडक्ट, कंज्यूमर ड्यूरेबल , इलैक्ट्रॉनिक्स आयटम और रेडीमेड गारमेंट सस्ते हो जाएंगे। जबकि लग्जरी कार, पान मसाल, सिगरेट, कोल्ड ड्रिंक, बैंकिमग और इन्श्योरेंस, टेलीफोन बिल और हवाई सफर महंगे हो सकते हैं।

दायरे में ज्यादातर वस्तुएं

लो रेट होने से ज्यादा से ज्यादा वस्तुएं टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। जिसका फायदा इकॉनमी को मिलेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि लोअर टैक्स रेट में आने से प्रोडक्ट सस्ते हो जाएंगे, जिससे खपत बढ़ेगी।

ये जीएसटी से बाहर

जीएसटी के दायरे से प्रेट्रोलियम प्रोडक्ट बाहर हैं। यानि पैट्रोल-डीजल-गैस जैसे प्रोडक्ट जीएसटी के टैक्स स्ट्रक्कर में नहीं आएंगे। इसी तरह एल्कोहल को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story