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गुजरात के 100 रास्तों पर नहीं चलेंगी बसें, ये है वजह

गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम ने फिल्म ‘पद्मावत'' की रिलीज के खिलाफ राजपूत समुदाय के सदस्यों द्वारा हिंसक प्रदर्शनों के बाद गुजरात के 100 रास्तों पर अपनी बस सेवाओं पर रोक लगा दी।

गुजरात के 100 रास्तों पर नहीं चलेंगी बसें, ये है वजह

गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम ने फिल्म ‘पद्मावत' की रिलीज के खिलाफ राजपूत समुदाय के सदस्यों द्वारा हिंसक प्रदर्शनों के बाद गुजरात के 100 रास्तों पर अपनी बस सेवाओं पर रोक लगा दी।

बस सेवा मेहसाणा, पाटन, गांधीनगर, साबरकांठा और बनासकांठा जिलों में स्थिति सुधरने तक रोकी गई है। उत्तर गुजरात के लिए दो रास्ते हैं। इनमें एक रास्ता गांधीनगर से साबरकांठा में हिम्मतनगर तक जाता है और दूसरा मेहसाणा से पाटन होते हुए बनासकांठा जिले तक जाता है।

जीएसआरटीसी सचिव के डी देसाई के अनुसार अहमदाबाद और उत्तर गुजरात क्षेत्र के बीच चलने वाली सभी बसें रोक दी गई हैं। बस सेवा इस आशंका के बीच रोकी गई है कि उपद्रवी तत्व इन वाहनों को आसान निशाना बना सकते हैं।

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उन्होंने कहा, उत्तर गुजरात के कुछ हिस्सों में राज्य बसों पर हमलों को देखते हुए हमने गांधीनगर, हिम्मतनगर, मेहसाणा और बनासकांठा के लिए अपनी बस सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं।

मध्य और दक्षिण गुजरात जैसे अन्य स्थानों के लिए बस सेवाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित हो रही हैं। देसाई ने कहा कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया क्योंकि उपद्रवी अपनी मोटरसाइकिलों पर आ रहे हैं और बसों पर जलती चीजें फेंककर फरार हो जा रहे हैं।

जीएसआरटीसी के निर्णय के बाद कई यात्री शहर स्थित परिवहन डिपो में फंसे हुए हैं क्योंकि उत्तर गुजरात के लिए बस सेवा रोके जाने के निर्णय के बारे में उन्हें डिपो आने पर पता चला।

बाधित की सड़कें

प्रदर्शनकारियों ने फिल्म पद्मावत की रिलीज के खिलाफ बनासकांठा, मेहसाणा, सुरेंद्रनगर और भुज में कुछ स्थानों पर टायर जलाकर सड़कें बाधित करने का प्रयास किया। आज सुबह प्रदर्शनकारियों ने गांधीनगर के पास उनावा गांव और बनासकांठा के अंबाजी नगर में सड़कें बाधित करने का प्रयास किया।

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