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दिव्यांगों के गरिमापूर्ण जीवन के लिए हरसंभव कदम उठा रही है सरकारः थावरचंद गेहलोत

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1 मार्च, 2019 (शुक्रवार) को दीनदयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना (DDRS) पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

दिव्यांगों के गरिमापूर्ण जीवन के लिए हरसंभव कदम उठा रही है सरकारः थावरचंद गेहलोत

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1 मार्च, 2019 (शुक्रवार) को दीनदयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना (DDRS) पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. थावरचंद गेहलोत और विशिष्ट सम्माननीय अतिथि के रूप में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन का उद्देश्य योजना के स्टेकहोल्डरों अर्थात कार्यक्रम कार्यान्वयन एजेन्सियों (पीआईए), जिला स्तर अधिकारियों और राज्य सरकार के अधिकारियों को सुग्राही बनाना था। विभाग द्वारा इससे पूर्व देश के दक्षिणी, पश्चिमी, मध्य पूर्वी तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों को में कई कार्यक्रम आयोजित करवाए गए हैं।

सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से लगभग 600 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दीनदयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों के पुनर्वास हेतु परियोजनाएं संचालित करने हेतु प्रत्येक वर्ष 600 से अधिक एनजीओ को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है जैसे कि विशेष स्कूल, प्री-स्कूल तथा शीघ्र-उपाय, हॉफ वे होम्स और समुदाय आधारित पुनर्वास आदि।

वित्तपोषित किए जा रहे एनजीओ, प्रत्येक वर्ष 35000-40000 से अधिक लाभार्थियों को पुनर्वास संबंधी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। योजना कार्यान्वयन की प्रक्रिया में राज्य सरकार की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

सहायता अनुदान जारी करने में जिला समाज कल्याण अधिकारी और राज्य सरकार की सिफारिश महत्वपूर्ण है। वर्ष 2018-19 के बजट में 70.00 करोड़ रू. आवंटित किए गए हैं। योजना को दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए 2018 में इसे संशोधित किया गया।

योजना में किए गए सुधारों में मानदेय एवं अन्य लागत मानकों में 2.5 गुणा वृद्धि, आवेदन प्रक्रिया एवं प्रस्ताव पर कार्रवाई की प्रक्रिया को सरल तथा कारगर बनाना, मॉडल परियोजनाओं की संख्या को 18 से 9 किए जाने को योजना बनाना आदि शामिल हैं।

मुख्य परियोजनाओं में विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए विशेष स्कूल, प्रमस्तिष्क घात वाले बच्चों के लिए परियोजना, हॉफ वे होम, गृह आधारित पुनर्वास तथा समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रम (सीबीआर) आदि शामिल हैं।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के गरिमापूर्ण जीवनयापन के लिए हर संभव कदम उठा रही है। विभाग में सुधार से करीब सात गिनीज बुक रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं।

नवीनतम विश्व रिकार्ड गुजरात के भरूच में बनाया गया है जहां 28 फरवरी को आठ घण्टे की समयावधि में 260 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग (प्रोस्थेसिस) फिट किये गए थे। श्रीराम दास अठावले ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के लिए हमेशा खड़ी रही है।

दिव्यांगों के प्रतिभेदभाव करना बिल्कुल गलत है सरकार तो इस पर सख्त है ही। समाज को भी इस पर सख्ती दिखानी चाहिए। सम्मेलन के दौरान संयुक्त सचिव डॉ. प्रबोध सेठ द्वारा संशोधित योजना के प्रावधानों और योजनाओं के प्रावधानों और कार्यान्वयन की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला गया। श्रोताओं द्वारा इसकी सराहना की गई। एनजीओ के साथ विचार-विमर्श (इंटरएक्टिव) का प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें अनेक शंकाओं का समाधान किया गया।

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