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म्यांमार से भारत करेगा एक लाख टन चावल आयात, पूर्वोत्तर राज्यों पर खाद्य संकट

लुमडिंग और असम के सिलचर के बीच रेलवे लाईन को बड़ी लाईन में तब्दील करने का काम चल रहा है

म्यांमार से भारत करेगा एक लाख टन चावल आयात, पूर्वोत्तर राज्यों पर खाद्य संकट
नई दिल्ली. भारत म्यांमार से 1 लाख टन चावल का आयात करेगा ताकि मणिपुर और मिजोरम में आपूर्ति संकट टाला जा सके। उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिए रेलवे लाईन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस संबंध में सरकार बाजार मूल्य के आकलन के लिए 8 सितंबर को अन्वेषी निविदा जारी करेगी। यह पिछले लगभग तीन दशक में पहला मौका होगा जबकि सड़क मार्ग से चावल का आयात किया जाएगा।
अक्तूबर से प्रति माह 20,000 टन चावल का आयात किया जाएगा और भारतीय खाद्य निगम की तरफ से स्टेट ट्रेडिंग एंटरप्राइजेज निविदा जारी कर सकती है। पर्याप्त भंडार के बावजूद सरकार को चावल का आयात करना है क्योंकि लुमडिंग और असम के सिलचर के बीच रेलवे लाईन को बड़ी लाईन में तब्दील करने का काम चल रहा है। धान की कम पैदावार वाले इन राज्यों की जरूरत पूरी करने के एफसीआई को सड़क मार्ग से अनाज की आपूर्ति करनी होगी।
गुवाहाटी से सिर्फ एक राष्ट्रीय राजमार्ग है जो इन राज्यों को जोड़ता है और पहाड़ी एवं भूकंप वाला इलाका होने के कारण सड़क मार्ग से अनाज का परिवहन चुनौतीपूर्ण है।उन्होंने कहा कि इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए पूरक भंडार की जरूरत है ताकि इन क्षेत्रों में किसी तरह का आपूर्ति संकट टाला जा सके। इसलिए म्यांमार से चावल आयात करने का फैसला किया गया है जो सड़क मार्ग से मणिपुर और मिजोरम से अच्छी तरह जुड़ा है। इसके अलावा पड़ोसी देश के पास अतिरिक्त भंडार है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, धान की कम पैदावार -

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