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गूगल ने डूडल बना इस महान कलाकार को किया याद, जानें खास बातें

गूगल ने एक महान कलाकार की याद में डूडल समर्पित किया है। मंगलवार को जर्मनी के मूर्तिकार, चित्रकार, डिजाइनर और कोरियोग्राफर ऑस्कर श्लेमर की 130वीं जयंती पर डूडल बनाई गई

गूगल ने डूडल बना इस महान कलाकार को किया याद, जानें खास बातें

गूगल ने एक महान कलाकार की याद में डूडल समर्पित किया है। मंगलवार को जर्मनी के मूर्तिकार, चित्रकार, डिजाइनर और कोरियोग्राफर ऑस्कर श्लेमर की 130वीं जयंती पर डूडल बनाई गई है। वे "ट्रायडिश बैलेट" के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। डूडल को जिस रूप में बनाया है उसी कला के लिए वे जानें जाते हैं।

उनका जन्म 4 सितंबर 1888 को जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में हुआ था। उनके पिता का नाम कार्ल लियोहार्ड और माता का नाम मीना नेहस था। ऑस्कर अपने माता-पिता के छह बेटे-बेटियों में सबसे छोटे थे।

केवल 12 साल के उम्र में उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद वे अपनी बहन के साथ रहने और महज 15 साल की उम्र में ही अपने लिए कमाना शुरू कर दिया।

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इनके यादगार लम्हें

  • "ट्रायडिश बैलेट" कला के जरिए किसी कलाकार या वस्तु को सामान्य से ज्यामितीय आकार में सजाया जाता है।
  • 1923 में उन्हें मूर्तिकला की कार्यशाला में कुछ समय काम करने के बाद, बौउस थिएटर कार्यशाला में मास्टर ऑफ फॉर्म के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • ऑस्कर को सबसे ज्यादा एक पेंटर के रूप में याद किया जाता है। क्योंकि उनकी पेंटिंग आज बेहद प्रासांगिक और चौंकाने वाली मालूम होती है।
  • उन्होंने अपने शहर स्टटगार्ट में की एक मरकेन्ट्री नाम की वर्कशॉप में ग्राफिक डिजाइनिंग भी सिखा।
  • 1910 में कला स्कूल जाकर वि‌भिन्न कला के बारे में जानकारियां एकत्रित करना शुरू कर दिया। इसके बाद उनको सरकार की ओर से छात्रवृत्ति दी जाने लगी। इससे उन्होंने जर्मनी की कला अकादमी का रास्ता तय किया।
  • महज चार साल बाद यानी 1914 में उन्होंने खुद का कला स्कूल खोला और वहीं पर उन्होंने अपनी का कला का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
  • उनका निधन 13 अप्रैल 1943 को जर्मनी के बाडेन-बाडेन शहर में हुआ। इस तरह वे अपनी कला का छाप छोड़कर दुनिया को अलविदा कह गए।
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