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गूगल और ऐमजॉन के बीच मची होड़, टाटा के डेटा सेंटर को खरीदने के लिए बातचीत जारी

टाटा कम्युनिकेशंस के डेटा सेंटर को खरीदने के लिए गूगल और ऐमजॉन कंपनी की बातचीत चल रही है।

गूगल और ऐमजॉन के बीच मची होड़, टाटा के डेटा सेंटर को खरीदने के लिए बातचीत जारी
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मुंबई. टाटा कम्युनिकेशंस के डेटा सेंटर को खरीदने के लिए गूगल और ऐमजॉन कंपनी समेत कुछ कंपनियां टाटा ग्रुप से बातचीत कर रही हैं। यह डील 4,261.14 करोड़ से 4,589.20 करोड़ रुपये तक की हो सकती है। गूगल इंक और ऐमजॉन इस डील के लिए ब्लैकस्टोन ग्रुप, कार्लाइल, केकेआर, बेन कैपिटल और ऐडवेंट इंटरनैशनल जैसे पीई बायआउट फंड्स से होड़ कर रही हैं। ये सभी डेटा सेंटर यूनिट में 74% तक हिस्सा खरीदने और इस बिजनेस का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश में हैं। यह बिजनेस भारत और विदेश में 44 जगहों पर फैला हुआ है। टाटा ग्रुप अपने पास माइनॉरिटी स्टेक रख सकता है।
द इकॉनोमिक्स टाइम के सूत्रों के मुताबिक ईटी को बताया कि इस डील के बारे में सिंगापुर की सेंबकॉर्प इंडस्ट्रीज की टाटा मैनेजमेंट से कई बार बातचीत हो चुकी है। अगर यह ट्रांजैक्शन हुआ तो इससे टाटा कम्युनिकेशंस को अपने कर्ज का बोझ घटाने में मदद मिलेगी और वह अपने कोर डेटा करियर बिजनस पर फोकस कर सकेगी। जुलाई 2015 के इनवेस्टर प्रजेंटेशन के मुताबिक, कंपनी पर 9,178 करोड़ रुपये का कर्ज है।गुरुवार को टाटा कम्युनिकेशंस का शेयर 3.1% गिरकर 402.35 रुपये पर बंद हुआ। इसका मौजूदा मार्केट कैप 11,467 करोड़ रुपये है। टाटा ग्रुप ने इस डील पर सलाह के लिए जेफरीज एलएलसी को हायर किया है। एक सूत्र ने बताया, 'शुरुआती बिड्स आ गई हैं।'
टाटा कम्युनिकेशंस ने इस मामले में कमेंट करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि पिछले महीने एक्सचेंजों को दी गई सूचना के अलावा उसे और कुछ नहीं कहना है। पिछले महीने एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा था कि वह अपने डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस के लिए कई स्ट्रैटिजिक विकल्पों पर गौर कर रही है। गूगल, बेन, एडवेंट, केकेआर, कार्लाइल और ब्लैकस्टोन ने भी कमेंट करने से मना कर दिया। ऐमजॉन और सेंबकॉर्प ने इस संबंध में भेजी गई ईमेल का जवाब नहीं दिया। इंडिया के अलावा टाटा कम्युनिकेशंस के डेटा सेंटर अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर में हैं। इसके पास 10 लाख स्क्वेयर फुट से ज्यादा को-लोकेशन स्पेस है। यह मैनेज्ड होस्टिंग और स्टोरेज सर्विसेज देती है। भारत में इसके सेंटर नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नै, कोलकाता और पुणे के अलावा कुछ टियर 2 और टियर 3 लोकेशंस में हैं।
गूगल और ऐमजॉन जैसी दिग्गजों की इस डील में दिलचस्पी की वजह यह है कि वे इंडिया में अपना क्लाउड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस बढ़ाना चाहती हैं। जैसे-जैसे ज्यादा कंपनियां आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज को आउटसोर्स कर रही हैं, वैसे-वैसे थर्ड पार्टी डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ती जा रही है। बड़े डेटा सेंटर बिजनस को खरीदने से गूगल जैसी कंपनियों को इंडियन डेटा मार्केट में पैठ बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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