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ब्रांडेड शराब के शौकीनों के लिए अच्छी खबर

ब्रांडेड शराब के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। जिले में अब ब्रांडेड शराब की खरीदी पहले के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक की जाएगी, तो लोकल ब्रांड की खपत भी बढ़ाने की फैसला लिया गया है।

ब्रांडेड शराब के शौकीनों के लिए अच्छी खबर

ब्रांडेड शराब के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। जिले में अब ब्रांडेड शराब की खरीदी पहले के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक की जाएगी, तो लोकल ब्रांड की खपत भी बढ़ाने की फैसला लिया गया है।

साथ ही आबकारी विभाग ने तय किया है कि शराब की बोतलों पर होलोग्राम सरकारी शराब दुकानों में ही लगाई जाएगी। साथ ही किस बार को कितनी शराब दी गई है, इसके लिए अलग से रजिस्टर मेंटेन किया जाएगा। हाईरेंज की शराब दुकानों में भी मिल सकेगी। सिम्बा ब्रांड की खपत करते हुए आरएस अैार आईबी का अधिक आर्डर दिया जाएगा।
जिला आबकारी विभाग को इस साल विदेशी शराब से कहीं ज्यादा देसी ब्रांड की शराब ने मुनाफा कमाकर दिया है। 71 दुकानों में बेची गई शराब की रकम में लगभग 60 फीसदी रकम लोकल ब्रांड की शराब से हुई है। इसके बाद तय किया गया है कि हाईरेंज की ब्रांडेड शराब की खरीदी जिले में अधिक होगी जिससे की इसकी आय भी बढ़े।
मॉल और दूसरे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में हाईरेंज बोतलें
देसी और विदेशी ब्रांड की शराब बिक्री पर पूरी रिपोर्ट जिले वार राज्य सरकार के पास पहुंच गई। साथ ही तय किया गया है कि दुकानों में रखीं हाईरेंज शराब की बोतलें अब आबकारी विभाग द्वारा प्रीमियम काउंटर पर शुरू करने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि मनपंसद ब्रांडेड शराब मॉल और दूसरे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में ज्यादा से ज्यादा बिकेगी। इसके साथ ही दुकानों में ब्रांडेड शराब अधिक उपलब्ध रहेगी। इससे राजस्व में अच्छा खासा फायदा होगा।

होलोग्राम पर बरती जाएगी सख्ती, होगी कार्रवाई
आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त विजयसेन शर्मा के मुताबिक होलोग्राम मामले में सख्ती बरती जाएगी। शराब की बोतलों पर होलोग्राम अब दुकान में लगाएं जाएंगे। इसके बाद बार को सप्लाई होगी। साथ जिले में संचालित सात बार को कौन सी ब्रांड की शराब की कितनी बोतलें दी गईं हैं, इसका पूरा हिसाब रखा जाएगा। इसके लिए अलग से रजिस्टर मेंटेन करते हुए रोजाना जांच की जाएगी। दरअसल आबकारी विभाग के छापे में शहर के कुछ बारों में बिना होलोग्राम लगीं शराब की बोतलें पाई गई थीं।
मनमानी कीमत पर शराब बेच रहे हैं बार
गौरतलब है कि शहर में आबकारी विभाग ने 2016-17 के लिए 21 बार का लाइसेंस जारी किया था। इसमें से 14 बार नेशनल हाईवे और राज्यमार्ग के किनारे स्थित थे। एक अप्रैल 2017 से इन सभी को बंद कर दिया गया। बचे हुए सात बार में शराब पीने वालों की भीड़ पहुंच रही है। इसका फायदा बार मालिक उठा रहे हैं और अधिक कीमत पर शराब परोसकर चांदी काट रहे हैं। अधिक रेट अैार देर रात तक शराब बेचने की शिकायत आबकारी विभाग के पास भी रहती है, लेकिन कार्रवाई कम ही होती है।
अधिक शराब खरीदी जाएगी
जिले में अब ब्रांडेड शराब की खरीदी पहले के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक की जाएगी। साथ ही बोतलों पर होलोग्राम सरकारी शराब दुकानों में ही लगाने के बाद बारों को सप्लाई होगी।

विजयसेन शर्मा, सहायक आयुक्त, आबकारी विभाग
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