Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कश्मीरः स्कूल बंद के बावजूद गिलानी की पोती ने दिया एग्जाम

गिलानी के सबसे बड़े बेटे डॉ. नईम जफर गिलानी की बेटी डीपीएस में दसवीं की स्टूडेंट है।

कश्मीरः स्कूल बंद के बावजूद गिलानी की पोती ने दिया एग्जाम
X
श्रीनगर. आतंकी बुरहान वानी के सुरक्षाबलों के हाथों मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा और प्रदर्शनों का दौर जारी है। घाटी के अलगाववादी नेता स्कूलों को किसी भी कीमत पर बंद करवाने में लगे हुए हैं। हालांकि, एक स्कूल ऐसा भी है, जिसे लेकर इन नेताओं का रुख कुछ अलग नजर आता है। श्रीनगर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के 10वीं और 9वीं क्लास के हाल ही में इंटरनल एग्जाम हुए।
अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गिलानी के सबसे बड़े बेटे डॉ. नईम जफर गिलानी की बेटी डीपीएस में दसवीं की स्टूडेंट है। नईम एक मेडिकल प्रफेशनल हैं। वह गिलानी की पार्टी तहरीक-ए-हुर्रियत कश्मीर या हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के सदस्य नहीं हैं। उनका परिवार श्रीनगर में अलग रहता है। घाटी के सबसे बड़े प्राइवेट स्कूलों में से एक डीपीएस में इस साल जुलाई में प्रदर्शनों की वजह से टर्म एग्जाम नहीं हो पाए। स्कूल के 573 बच्चे इस महीने इंटरनल एग्जाम में शामिल हुए। परीक्षाएं शहर के हाई सिक्यॉरिटी जोन सिविल लाइंस स्थित एक इन्डोर स्टेडियम में हुईं। 1 से 5 अक्टूबर तक हुए इस एग्जाम को सुचारू ढंग से कराने में जम्मू-कश्मीर सरकार ने मदद की।
स्कूलों में आगजनी
इस साल आठ जुलाई को बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से घाटी के सरकारी और प्राइवेट स्कूल 111 दिन लगातार बंद रहे। हुर्रियत नेता इन स्कूलों को खोलने पर किसी कीमत पर तैयार नहीं थे। प्रशासन ने भी दो महीने तक कर्फ्यू लगाए रखा। उधर, कश्मीर में बीते तीन हफ्तों में कुछ अज्ञात लोगों ने कई सरकारी स्कूलों की इमारतों में आग लगा दी। ऐसी ही एक घटना बारामूला में गुरुवार को हुई। हालांकि, हाल ही में बच्चों को दोबारा स्कूल पहुंचाने के मकसद से राज्य सरकार ने ऐलान किया था कि वह सभी क्लासों के फाइनल एग्जाम वक्त पर कराएगी। हालांकि, अभिभावक और बच्चों, दोनों ने ही घाटी के हालात का हवाला देते हुए इस फैसले का विरोध किया और परीक्षा टालने की मांग की।
गिलानी के बेटे की सफाई
नईम ने माना है कि उनकी बेटी डीपीएस के इंटरनल एग्जाम में शरीक हुई थी। यह भी कहा कि वह बच्चों के एग्जाम में बैठने या स्कूल जाने के विरोध में कभी नहीं थे। नईम के मुताबिक, स्कूल ने एग्जाम कराने का फैसला किया, जिसके बाद उनकी बेटी को दूसरे बच्चों की तरह ही परीक्षा देनी पड़ी। अगर परीक्षा छूटती तो मार्च में होने वाले फाइनल एग्जाम में उनकी बेटी नहीं बैठ पाती। वहीं, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि एग्जाम कराने वाले स्कूलों में सिर्फ डीपीएस ही शामिल नहीं था।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर
और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top