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सरकार ने कश्मीर घाटी में तैनात अर्धसैनिक बलों के लिए मुफ्त हवाई यात्रा की घोषणा की

कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात अर्धसैनिक बलों के जवान छुट्टी पर जाने के लिए और छुट्टी से ड्यूटी पर लौटते वक्त अब वाणिज्यिक उड़ानों का इस्तेमाल कर सकेंगे। सरकार ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की।

सरकार ने कश्मीर घाटी में तैनात अर्धसैनिक बलों के लिए मुफ्त हवाई यात्रा की घोषणा की

कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात अर्धसैनिक बलों के जवान छुट्टी पर जाने के लिए और छुट्टी से ड्यूटी पर लौटते वक्त अब वाणिज्यिक उड़ानों का इस्तेमाल कर सकेंगे। सरकार ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी हमले में 40 जवानों के शहीद होने की घटना के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक आदेश जारी किया जिसमें यह जानकारी दी गई है। आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के सभी कर्मियों के लिए दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू सेक्टर पर हवाई यात्रा की मंजूरी दी गई है।

आदेश में कहा गया है कि इसमें ड्यूटी पर लौटने, स्थानांतरण, या छुट्टी पर जाने के लिए उनकी यात्रा शामिल है। अब तक, निरीक्षकों और उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को इस हवाई यात्रा की सुविधा दी जाती थी।

कश्मीर घाटी में सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा बल, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की इकाइयों के अलावा राज्य में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 65 हजार जवान तैनात है।

बयान में कहा गया कि इसमें ड्यूटी पर यात्रा या छुट्टी पर जाने की यात्रा शामिल है, यानी जम्मू कश्मीर से घर आने और लौटने के दौरान। गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर जारी एक बयान में कहा गया है कि इस निर्णय से कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और सहायक उप निरीक्षक रैंक के लगभग 7. 8 लाख उन अर्धसैनिक कर्मियों को तुरंत लाभ होगा जो पहले इसके पात्र नहीं थे।

मंत्रालय ने कहा कि जम्मू कश्मीर क्षेत्र के लिए सीएपीएफ के जवानों के लिए पहले से ही एयर कूरियर सेवा उपलब्ध है। दिल्ली-जम्मू, जम्मू-श्रीनगर, श्रीनगर-जम्मू और जम्मू-दिल्ली जैसे और मार्गों को जोड़ने के लिए दिसम्बर,2017 में इस सेवा में विस्तार किया गया था।

एक बयान में कहा गया है कि दिसम्बर, 2018 में कई उड़ानों की संख्या को बढ़ाया गया था। इसके अलावा, आवश्यकता होने पर भारतीय वायुसेना से हवाई सहायता प्रदान की जाती है।

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