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मसूद अजहर वैश्विक आतंकी पर चीन का अड़ंगा, पिछले 10 सालों में चौथी बार रोका प्रस्ताव

जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकियों की सूची में डालने के प्रयास में अड़ंगा लगा रहे चीन को समझाने की आखिरी कोशिश शुरू हो गई है।

मसूद अजहर वैश्विक आतंकी पर चीन का अड़ंगा, पिछले 10 सालों में चौथी बार रोका प्रस्ताव

जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकियों की सूची में डालने के प्रयास में अड़ंगा लगा रहे चीन को समझाने की आखिरी कोशिश शुरू हो गई है। अगर वह नहीं मानता है तो तीनों महाशक्ति इस बार निर्णायक लड़ाई के मूड में हैं। इस मामले पर सुरक्षा परिषद में ओपन वोटिंग भी कराई जा सकती है। अभी तीनों का प्रयास है कि चीन को कैसे भी मना लिया जाए।

चीन की मांग के मुताबिक मसूद के प्रस्ताव के भाषा में कुछ बदलाव भी किया जा सकता है। 10 साल में चौथी बार है जब चीन ने इस प्रस्ताव को रोका है। फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका अजहर के खिलाफ यह प्रस्ताव 27 फरवरी को लाए थे। इस पर आपत्ति की समय सीमा (बुधवार रात 12:30 बजे) खत्म होने से ठीक एक घंटे पहले चीन ने इस पर अड़ंगा लगा दिया। 10 से अधिक देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

चीन ने कहा कि वह बिना सबूतों के कार्रवाई के खिलाफ है। इस पर अमेरिका ने चीन से अनुरोध किया था कि वह समझदारी से काम ले, क्योंकि भारत-पाक में शांति के लिए मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करना जरूरी है।

सुरक्षा परिषद में चीन का विरोध

मसूद को बचाने में जुटे चीन को इस बार सुरक्षा परिषद में ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर सदस्य उसके रवैये से हैरान हैं। उनका सवाल है कि चीन आखिर आतंकी सरगना को बचाना क्यों चाहता है? कुछ सदस्य देशों ने इस मुद्दे पर चीन से निजी तौर पर बात भी की है।
सुरक्षा परिषद के एक राजनयिक ने चीन के रवैये पर निराशा जताते हुए कहा कि अगर इस बार भी वह नहीं मानता है तो मसूद को वैश्विक आतंकी की सूची में डालने के लिए दूसरी रणनीति अपनाई जाएगी।

मामले पर नजर रख रहा है भारत

भारत धैर्य के साथ अजहर मामले पर नजर रख रहा है। उसे उम्मीद है कि अजहर का नाम वैश्विक आतंकियों की सूची में जरूर डाला जाएगा। सुरक्षा परिषद के 14 सदस्यों का समर्थन उसके साथ है। चीन पाकिस्तान में आर्थिक निवेश कर रहा है, यही वजह है कि वह अजहर मामले में लगातार उसका साथ दे रहा है। चीन को पता है कि पाकिस्तान में कुछ आतंकी संगठन उसके खिलाफ काम कर रहे हैं।

आतंकवाद पर गंभीर है पाक तो सौंपे दाऊद, सलाउद्दीन जैसे आतंकी

पाकिस्तान अगर आतंकवाद से निपटने को लेकर गंभीर है तो उसे कम से कम दाऊद इब्राहिम, सैयद सलाउद्दीन और ऐसे अन्य आतंकवादियों को भारत को सौंप देना चाहिए जो भारतीय नागरिक हैं और वहां (पाकिस्तान में) रह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले के बाद भी पाकिस्तान जैश ए मोहम्मद और अन्य आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में विफल रहा है। पाक वास्तव में यह संदेश देना चाहता है कि वह आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की चिंताओं का समाधान करना चाहता है तो उसे आतंकवादियों को सौंप देना चाहिए जो भारतीय नागरिक हैं।

मसूद ने कहा- एयर स्ट्राइक से कोई नुकसान नहीं हुआ

आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के मुखिया मसूद अजहर का कहना है कि जेईएम को हुए कथित नुकसान और उसके स्वास्थ्य को लेकर फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं और यह सभी झूठी हैं। इसे लेकर उसने एक लेख लिखा है। उसका कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। सभी जिंदा हैं और ठीक हैं।
हर ने जेईएम के साप्ताहिक अखबार अल-कलाम में उपनाम सादी के तहत एक लेख लिखा है, जिसमें उसने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उसके साथ शूटिंग या तीरंदाजी प्रतियोगिता करने के लिए कहा है, जिससे कि यह पता चल सके कि वह चिकित्सीय दृष्टिकोण से कितना स्वस्थ है?

शंघाई सहयोग संगठन 2019 में करेगा संयुक्त आतंकवाद निरोधी अभ्यास

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) द्वारा इस साल आयोजित किए जाने वाले संयुक्त आतंकवाद निरोधी अभ्यास में भारत, पाकिस्तान और संगठन के अन्य सदस्य देश हिस्सा लेंगे। ताशकंद में एससीओ के क्षेत्रीय आतंकवाद-निरोधी ढांचे (आरएटीएस) की 34वीं बैठक के दौरान संयुक्त अभ्यास ‘सेरी-अर्का एंटीटेरर 2019’ की घोषणा की गई।
बैठक में भारत, कजाखिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान के सक्षम प्रतिनिधिमंडल के साथ ही आरएटीएस की कार्यकारी समिति के सदस्य इस बैठक में शामिल हुए।

माहौल बिगड़ा तो पाक पर फिर लेंगे एक्शनः रावत

भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान और कश्मीर के आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि माहौल बिगाड़ा गया तो वह पाकिस्तान के खिलाफ फिर से बड़ी कार्रवाई करेंगे। रावत लखनऊ में आसियान और आसियान प्लस देशों के फील्ड मेडिकल एक्सरसाइज मेडेक्स-2019 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
म्यांमार के साथ आतंकी ठिकानों को नष्ट किए जाने पर भी उन्होंने कहा कि दोनों ही देशों की जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होगा, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

पाक अच्छा रिश्ता चाहता है तो आतंकवाद खत्म करेः राजनाथ

राजनाथ सिंह ने कहा है कि एयर स्ट्राइक को चुनाव से जोड़कर बिल्कुल नहीं देखा जाना चाहिए। ये राष्ट्रीय गौरव का विषय है, न कि कोई पॉलीटिकल स्टंट। पुलवामा अटैक के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच तनातनी जारी है। करतारपुर कॉरीडोर को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों देशों के बीच बातचीत बंद है।
लेकिन सिंह पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्ते के पक्ष में हैं। उन्होंने पाक से द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने के लिए एक शर्त भी रखी है। इसके लिए शर्त है कि पड़ोसी मुल्क को आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी।
सिंह ने पीएम इमरान खान की बातचीत के पेशकश के सवाल पर ये बातें कहीं। एयर स्ट्राइक के बाद की प्रतिक्रियाओं से ये साफ हो गया कि पाकिस्तान सदमे में है, लेकिन ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, जब पूछा जाता है कि एयर स्ट्राइक में कितने लोग मारे गए? ऐसा पूछा नहीं जाना चाहिए।
सिंह ने कहा कि एक चीज बिल्कुल साफ हैए बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।
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