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बाढ़ के कारण हर साल औसतन 2130 लोगों की मौत

पिछले 62 वर्षों के दौरान बाढ़ के कारण प्रतिवर्ष औसतन 2130 लोग मारे गए हैं।

बाढ़ के कारण हर साल औसतन 2130 लोगों की मौत
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नई दिल्ली. बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत देश की करीब 7 करोड़ आबादी के बाढ़ से प्रभावित होने के बीच पिछले 62 वर्षों के दौरान बाढ़ के कारण प्रतिवर्ष औसतन 2130 लोग मारे गए हैं, 1.2 लाख पशुओं का नुकसान हुआ और औसतन 82.08 लाख हेक्टेयर इलाका बाढ़ की चपेट में आया।
सूचना के अधिकार के तहत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय से यह जानकारी प्राप्त हुई है। मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाढ़ के कारण वर्ष 1953 से 2012 के दौरान विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में औसतन प्रति वर्ष 1499 करोड़ रुपये मूल्य की फसलें बर्बाद हुई, 14 लाख मकान क्षतिग्रस्त हुए।
बाढ़ के कारण औसतन 46.46 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसलें बर्बाद हुई। इसके कारण औसतन 739 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ और इन छह दशकों में सार्वजनिक सेवाओं को 2586 करोड़ रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा।
नियंत्रण की ठोस नीति का अभाव
इस वर्ष बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत कुछ राज्यों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के 25 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के कारण 6.63 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और इन राज्यों के कुल 126 जिलों में काफी तबाही हुई है।
इन राज्यों में ताजा बाढ़ के कारण 600 लोग मारे गए हैं और 42 लाख हेक्टेयर भूमि में फसलें प्रभावित हुई हैं। इस साल उत्तर प्रदेश में 29 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और अब तक 51 लोगों के मारे जाने की सूचना है, साथ ही 1000 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
बिहार में 24 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और अब तक 127 लोगों की बाढ़ के कारण मौत हो चुकी है। मध्यप्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए और इसके कारण 100 से अधिक लोगों के मारे जाने और 40 हजार से अधिक मकानों के नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट है। विशेषज्ञ इसके लिए बाढ़ नियंत्रण की ठोस नीति के अभाव और कमजोर आपदा प्रबंधन को जिम्मेदार बता रहे हैं।
देश में अब तक इतना हुआ नुकसान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1953 से 2012 के दौरान बाढ़ के कारण आंध्रप्रदेश में औसतन 348 लोग मारे गए, 5.1 लाख हेक्टेयर इलाका प्रभावित हुआ और 296 करोड़ रुपये की फसलों को नुकसान पहुंचा।
उत्तर प्रदेश में इस अवधि में बाढ़ के कारण औसतन 297 लोग मारे गए, 17 लाख हेक्टेयर इलाका प्रभावित हुआ और 139 करोड़ रुपये की फसलों को नुकसान पहुंचा। इन छह दशकों के दौरान बाढ़ के कारण बिहार में औसतन 173 लोग मारे गए, 3.7 लाख हेक्टेयर इलाका प्रभावित हुआ और 296 करोड़ रुपये की फसलों को नुकसान पहुंचा।
गुजरात में इस अवधि में बाढ़ के कारण औसतन 172 लोग मारे गए, 3.7 लाख हेक्टेयर इलाका प्रभावित हुआ और 27 करोड़ रुपये की फसलों को नुकसान पहुंचा। इस अवधि में बाढ़ के कारण पश्चिम बंगाल में औसतन 187 लोग मारे गए, 8 लाख हेक्टेयर इलाका प्रभावित हुआ और 154 करोड़ रुपये की फसलों को नुकसान पहुंचा। छत्तीसगढ़ में बाढ़ से औसतन 109 लोग मारे गए और 11 करोड़ रूपये की फसलों को नुकसान पहुंचा। महाराष्ट्र में औसतन 89 लोग मारे गए और छह करोड़ रूपये की फसलों को नुकसान पहुंचा।
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