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बजट 2018: जानें आजादी से पहले और बाद के फर्स्ट आम बजट से जुड़े 10 रोचक तथ्य

संसद में 1 फरवरी को देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली 88वां आम बजट पेश करेंगे।

बजट 2018: जानें आजादी से पहले और बाद के फर्स्ट आम बजट से जुड़े 10 रोचक तथ्य

भारतीय संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ शुरू हो चुका है। अब 1 फरवरी को देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली आम बजट पेश करेंगे।

बता दें कि ये देश का 88वां आम बजट होगा। आजादी से पहले देश का पहला आम बजट 7 अप्रैस 1860 को पेश किया गया था और उसके बाद जब देश आजाद हुआ तो पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था।

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1. भारत में बजट पेश करने की परंपरा इस्ट-इंडिया कंपनी ने शुरू की थी

2. आजादी से पहले भारत का पहला आम बजट 7 अप्रैल 1860 को बजट पेश किया था। जिसे ब्रिटिश वायसराय काउंसिल के मेंबर (फाइनेंस) जेम्स विल्सन ने पेश किया था।

3. आजाद से पहले भारत के बजट पर निर्णय लिया गया था कि भारत और पाकिस्तान सितंबर 1948 तक एक ही करंसी का इस्तेमाल करेंगे।

4. आजादी के बाद अब तक देश ने कुल 25 वित्त मंत्री देखे हैं।

5. 1947 से अब तक कुल 87 आम और अंतरिम बजट पेश किए जा चुके हैं। जेटली इस बार 88वां बजट पेश करेंगे।

6. आजाद भारत का पहला आम बजट तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के. शानमुखम शेट्टी ने 26 नवंबर, 1947 को पेश किया था।

7. आजाद भारत का पहले बजट में रेवेन्यू जुटाने का लक्ष्य 171.85 करोड़ रुपये रखा गया था।

8. पहले भाषण के दौरान शानमुखम शेट्टी मैं आजाद भारत का पहला बजट पेश कर रहा हूं। यह ऐतिहासिक मौका है और मुझे खुशी है कि इस बजट को पेश करने का अवसर मुझे मिला है।

9. आजाद भारत का पहला बजट शाम को 5 बजे पेश किया गया था और यह परंपरा साल 1999 तक जारी रही थी।

10. ब्रिटिश काल से चली आ रही यह परंपरा 2001 में टूटी थी। जब तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने सुबह 11 बजे देश का बजट पेश किया।

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