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बजट 2018: मोदी सरकार का टैक्स छूट को लेकर बड़ा संकेत

इस बार जेटली टैक्स छूट को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। टैक्स स्लैब के साथ ही प्रत्यक्ष कर (डायरेक्ट टैक्स) में भी बदलाव कर सकती है।

बजट 2018: मोदी सरकार का टैक्स छूट को लेकर बड़ा संकेत

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र शुरू हो चुका है और 1 फरवरी को देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली आम बजट पेश करेंगे। वहीं खबर है कि इस बार जेटली टैक्स छूट को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। टैक्स स्लैब के साथ ही प्रत्यक्ष कर (डायरेक्ट टैक्स) में भी बदलाव कर सकती है।

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5 लाख तक टैक्स छूट का संकेत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार का बजट आम आदमी और व्यापारियों के लिए काफी छूट वाला साबित होगा। इस बार उम्मीद है कि सरकार पर्सनल इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ा सकती है और छूट सीमा 5 लाख रुपये तक की जा सकती है।

लेकिन रियलिटी की बात करें तो वित्त मंत्री को विकास के लिए पैसा भी जुटाना होता है, इसलिए यह सपना पूरी नहीं हो सकता है। हालांकि वित्त मंत्री ने अगर इस बार छूट सीमा मौजूदा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये भी कर दी, तो मध्यम आय वर्ग, खासकर वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत मिल सकती है।

आर्थिक सर्वे रिपोर्ट से मिला बड़ा संकेत

बीते दिन आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट से बजट को लेकर एक संकेत मिल चुका है। अगले महीनों में महंगाई बढ़ सकती है। वहीं एसबीआई इकोरैप की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ी तो इससे करीब 75 लाख लोगों को फायदा हो सकता है।

वहीं दूसरी तरफ विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, सरकार को 10 लाख से 20 लाख के बीच का एक नया टैक्स ब्रैकेट तय करना चाहिए। ताकि निजी और सरकारी दोनों सेक्टर की नौकरियों में वेतन में काफी फायदा होगा। जिससे छोटे वर्ग के आम आदमी और व्यापारी को राहत मिलेगी।

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क्या होता है डायरेक्ट टैक्स

अगर डायरेक्ट टैक्स की बात की जाए तो आय के लिए सरकार के पास प्रत्यक्ष कर बड़ा स्रोत है। डायरेक्ट टैक्स वह टैक्स होता है, जो सीधा व्यक्ति से ही वसूला जाता है।

डायरेक्ट टैक्स में आम जनता से लेकर कॉरपोरेट दोनों शामिल होते हैं। डायरेक्ट टैक्स में इनकम टैक्स, बिजनेस से इनकम पर लगने वाला टैक्स, शेयर या फिर दूसरी संपत्तियों से आय पर लगने वाला टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स आदि शामिल होते हैं।

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