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जीएसटी में आ सकता है रियल एस्टेट, तो होगा ये बड़ा नुकसान

अरुण जेटली ने कहा कि गुवाहाटी में 9 नवंबर को होने वाली जीएसटी की अगली बैठक में चर्चा की जाएगी।

जीएसटी में आ सकता है रियल एस्टेट, तो होगा ये बड़ा नुकसान

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रियल एस्टेट क्षेत्र को वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के दायरे में लाने के संकेत दिये हैं। अरुण जेटली के मुताबिक 9 नवंबर को गुवाहटी में होने वाली मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

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अरुण जेटली ने कहा कि रियल एस्टेट एक ऐसा क्षेत्र है, जहां सबसे ज्यादा कर चोरी होती है इसलिए इसे जीएसटी के दायरे में लाने का मजबूत आधार है।

साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले पर गुवाहाटी में 9 नवंबर को होने वाली जीएसटी की अगली बैठक में चर्चा की जाएगी। इस कदम से उपभोक्ताओं को लाभ होगा, जिन्हें पूरे उत्पाद पर 'अंतिम कर' का भुगतान करते हैं। जीएसटी 1 जुलाई से लागू किया गया था।

जेटली ने कहा है कि भारत सरकार बैंकिंग क्षेत्र की क्षमता के पुनर्निर्माण की योजना पर काम कर रही है ताकि यह विकास में योगदान दे सके। जेटली ने यह भी कहा कि भारत सरकार बैकिंग क्षेत्र की क्षमता के पुनर्निर्माण की योजना पर काम कर रही है। जोकि विकास में योगदान देगा।

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बता दें कि अरुण जेटली अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की सालाना बैठकों में शामिल होने के लिए अमेरिकी दौरे पर हैं। उन्होंने बैंकिंग प्रणाली में सुधार के एजेंडे को सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर बताया।

ये होगा नुकसान

रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से कम अवधि के लिए रियल एस्टेट प्रभावित हो सकता है।

नोटबंदी के कारण साल 2016 के अंत से ही रियल एस्टेट बाजार में मंदी छाई है। इसके बाद भी रियल एस्टेट में नुकसान होने की संभावना है।

इनमें ब्याज दरों में कटौती, घर खरीदारों को ब्याज में छूट, मोरगेज पेनेट्रेशन में वृद्धि और रियल एस्टेट क्षेत्र और विनिर्माण क्षेत्र के लिए एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के मानदंडों में छूट प्रमुख है।

2030 तक भारत की शहरी आबादी में करीब 36 फीसदी वृद्धि का अनुमान है जो 58 करोड़ हो जाएगी। इससे देश में रिहायशी बाजार में काफी ज्यादा मांग बढ़ने की संभावना है।

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