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100% एफडीआई पर माकपा-कैट का केंद्र पर पलटवार, कहा- दुकानदार हो जाएंगे तबाह

माकपा ने एकल ब्रांड खुदरा कारोबार और निर्माण क्षेत्र के विकास में एफडीआई की सीमा को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने के केन्द्रीय मंत्रिमंडल के फैसले को घरेलू खुदरा कारोबारियों को तबाह करने वाला बताया है।

100% एफडीआई पर माकपा-कैट का केंद्र पर पलटवार, कहा- दुकानदार हो जाएंगे तबाह

माकपा ने एकल ब्रांड खुदरा कारोबार और निर्माण क्षेत्र के विकास में एफडीआई की सीमा को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने के केन्द्रीय मंत्रिमंडल के फैसले को घरेलू खुदरा कारोबारियों को तबाह करने वाला बताया है।

माकपा पोलित ब्यूरो के बयान में केन्द्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले का विरोध करते हुये खुदरा कारोबार में लगे करोड़ों छोटे बड़े दुकानदारों और निर्माण क्षेत्र के लिये नुकसानदायक बताया गया है। फिलहाल इन क्षेत्रों में एफडीआई की सीमा 49 प्रतिशत है।

पार्टी ने कहा कि एकल ब्रांड के खुदरा कारोबार में शत प्रतिशत एफडीआई छूट देने की यह पहल इस बात का संकेत है कि अब मोदी सरकार मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार के क्षेत्र में भी एफडीआई को मंजूरी देगी।

एफडीआई पर माकपा का हमला

माकपा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि भाजपा जब विपक्ष में थी तब खुदरा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के प्रवेश का विरोध करती थी और अब सत्ता में आने पर उसने पाखंडपूर्ण तरीके से इस मामले में अपना रुख बदल लिया है।

पार्टी पोलित ब्यूरो ने सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया में 49 प्रतिशत विदेशी निवेश की इजाजत देने के मंत्रिमंडल के फैसले पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया। पार्टी ने कहा कि एयर इंडिया का निजीकरण करने के बाद अब मोदी सरकार इसे विदेशी कंपनियों के हाथों में देने की ओर बढ़ रही है।

एफडीआई रिपोर्ट

माकपा ने सरकार से परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर संसद की स्थायी समिति की उस रिपोर्ट का संज्ञान लेने को कहा जिसमें सरकार से एयर इंडिया का निजीकरण करने के फैसले की समीक्षा करने और कर्ज के बोझ से इसे उबारने के लिये पांच साल का समय देने की सिफारिश की थी।

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एफडीआई पर कैट

वहीं खुदरा व्यापारियों के प्रमुख संगठन ने केंद्र के एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में स्वत: मार्ग से 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देने के फैसले का विरोध किया है। अखिल भारतीय खुदरा व्यापारियों का परिसंघ (कैट) ने कहा कि इस कदम से खुदरा कारोबार में बहु-राष्ट्रीय कंपनियों का प्रवेश आसान होगा।

फिलहाल स्वत: मार्ग से 49 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी है। लेकिन इससे अधिक निवेश के लिये सरकार की मंजूरी की जरूरत होती है। यहां जारी बयान में कैट ने कहा कि एकल ब्रांड खुदरा में स्वत: मार्ग से 100 प्रतिशत एफडीआई से बहुराष्ट्रीय कंपनियों का खुदरा क्षेत्र में प्रवेश आसान हो जएगा। साथ ही यह भाजपा के चुनावी वादे का उल्लंघन है।

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एफडीआई और छोटे कारोबारी

छोटे कारोबारियों के लिये इसे गंभीर मामला बताते हुए संगठन ने दावा किया कि इस कदम से मौजूदा खुदरा कारोबार का उन्न्यन और आधुनिकीकरण प्रभावित होगा। कैट ने कहा कि यह सरकार का ‘कठोर कदम' है और इससे बड़ी संख्या में लोगों की रोजगार जाएगी।

फिलहाल 49 प्रतिशत से अधिक निवेश के लिये सरकार की मंजूरी की जरूरत होती है। साथ ही इसमें स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों से खरीद की अनिवार्यता भी है। वर्ष 2014 में एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई थी।

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