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बड़ा शातिर है जम्मू-कश्मीर का यह दूसरा ''बुरहान''

यह बुरहान आतंकी नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा ठग है।

बड़ा शातिर है जम्मू-कश्मीर का यह दूसरा
नई दिल्ली. चार महीने पहले कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भी तनाव कायम है। घाटी में तनाव पूर्ण माहौल के बीच कई कंपनियों को रोजाना 120 करोड़ रुपए तक का घाटा झेल रही हैं। तनाव इस कदर हावी है कि कई प्रोफेशनल्स भी बेरोजगार हैं। लेकिन इस बीच एक खबर यह भी आई है कि कोई बुरहान नाम का व्यक्ति इसका फायदा उठाने में लगा हुआ है। यह बुरहान भी लोगों को अपने झांसे में फंसाता है। भोले-भाले लोगों को अपने झांसे में फंसा कर उन्हें अपनी ठगी का शिकार बनाता है। हालांकि यह बुरहान आतंकी नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा ठग है।

'विस्टा ग्रुप' आकर्षक नौकरियों का ऑफर
जम्मू-कश्मीर में रातोंरात 'विस्टा ग्रुप' नाम की रिक्रूटमेंट कंपनी ने लोगों को आकर्षक नौकरियां ऑफर कीं। बीते 26 अक्टूबर को विस्टा ग्रुप ने कश्मीर के लोकल अखबार में एक फुल-पेज विज्ञापन छपवाया। जिसमें श्रीनगर, चंडीगढ़, जम्मू और गुड़गांव की कंपनियों में 631 पोस्ट पर भर्ती की घोषणा की। कंपनी ने यह भी दावा किया कि उसके दुनिया भर में 360 बिजनस हैं। लेकिन लोगों से आवेदन फॉर्म के बदले 550 रुपए लेने से कंपनी खुद अपने जाल में फंस गई।
विस्टा ग्रुप ने लोगों को एक नई उम्मीद दी
विस्टा को जरूरत थी आइटी मैनेजर्स, चार्टड अकाउंटेंट, ग्राफिक डिजाइनर्स, इवेंट मैनेजर्स, स्वीपर्स, गार्डनर्स और ड्राइवर। इन नौकरियों के लिए 6 हजार रुपए सेस 23 हजार रुपए के बीच सैलरी दी जानी थी। 8 जुलाई को बुरहान वानी के मारे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में प्राइवेट कंपनियों का हाल बेहाल है। कई लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं, कुछ को 3 महीने से ज्यादा समय से वेतन नहीं मिला है तो किसी का वेतन कम कर दिया गया है। इस स्थिति में विस्टा ग्रुप ने लोगों को एक नई उम्मीद दी।
5 हजार लोगों ने किया अप्लाई
विज्ञापन देने के 4 दिन के अंदर ही करीब 5 हजार लोगों ने नौकरी के लिए अप्लाई किया। हालांकि इसके लिए लोगों को 550 रुपए का आवेदन फॉर्म खरीदना पड़ा। इनमें से कुछ लोगों को नौकरी दी गई और बाकियों को कहा गया कि अगर वे शॉर्टलिस्ट होंगे तो उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर विस्टा ग्रुप को लेकर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि इस फ्रॉड का खुलासा तब हुआ जब पुलिस और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन को इसके बारे में पता लगा।
सोशल मीडिया पर विस्टा के बिजनस मॉडल
सोशल मीडिया पर विस्टा के बिजनस मॉडल को लेकर लोगों के सवालों को देखते हुए राज्य की पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। राज्य सरकार के विस्टा ग्रुप की जांच करने की वजह से इसका दफ्तर सील कर दिया गया, और बैंक अकाउंट भी बंद कर दिए गए। इस ग्रुप के पीछे जिस शख्स का हाथ था उसका नाम बुरहान बेग उर्फ ऐंडी बेग था।

30 साल का बुरहान बेग श्रीनगर का रहने वाला
लगभग 30 साल का बुरहान बेग श्रीनगर का रहने वाला है और यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम से पढ़ने का दावा करता है। बुरहान गुड़गांव में रहता है और एक दर्जन से ज्यादा कंपनियां चला रहा है। ये कंपनियां न्यूजीलैंड, मलेशिया, दुबई और नई दिल्ली में हैं। बुरहान के पिता श्रीनगर के हरी सिंह स्ट्रीट पर जूलरी का बिजनस करते हैं।
बुरहान का असली प्लान
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक 'बुरहान का असली प्लान बहुत सारे आवेदन फॉर्म बेचकर पैसे कमाना, शॉर्टलिस्ट होने वाले कैंडिडेट्स के नौकरी के बहाने मोटी रकम ऐंठना और उसके बाद गायब हो जाना था। इसके जरिए वह एक ही महीने में लाखों कमा सकता था।'
सिर्फ फर्जी नौकरियों का मामला नहीं
कश्मीर के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस एसजेएम गिलानी ने बताया 'हमने विस्टा ग्रुप मामले में जांच शुरू कर दी है। यह सिर्फ फर्जी नौकरियों का मामला नहीं है बल्कि डेटा चोरी का भी मामला है। बेग के पास कश्मीर के हजारों युवाओं की निजी जानकारी का डेटा है।'
ईमेल का कोई जवाब नहीं
फिलहाल इस मामले में बेग ने किसी भी तरह का बयान देने से इनकार कर दिया है। जब 'इकोनॉमिक टाइम्स' ने बेग से सवाल करना चाहा तो उसने ई-मेल के जरिए बात करने को कहा लेकिन ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। बेग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स भी डिएक्टिवेट कर दिए हैं। हालांकि पुलिस से पूछताछ के दौरान बेग ने तुरंत अपनी राजनीतिक पहुंच के बारे में बता दिया।
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