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सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने कहा- दागी नेताओं के चुनाव लड़ने पर लगे आजीवन रोक

दागी नेताओं के चुनाव लड़ने को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है।

सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने कहा- दागी नेताओं के चुनाव लड़ने पर लगे आजीवन रोक

दागी नेताओं के चुनाव लड़ने को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। इसके लिए उसने दागी नेताओं के चुनाव लड़ने आजीवन रोक लगाने की सिफारिश की है। यही बात चुनाव आयोग ने आज सुप्रीम कोर्ट में कही है।

चुनाव आयोग की इस सिफारिश पर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार से कहा कि नेताओं के आपराधिक मामले के जल्द निपटारे के लिए विशेष अदालत का गठन किया जाए। इसके लिए कोर्ट ने सरकार को 6 हफ्ते में कार्ययोजना पेश करने का भी निर्देश दिया है।

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आयोग का कहना है कि सजायाफ्ता जनप्रतिनिधयों को लेकर नरमी नहीं बरतनी चाहिए। ऐसे नेताओं के चुनाव लड़ने पर आजीवन रोक लगनी ही चाहिए। खास बात यह है कि आयोग ने अपनी यही मांग मोदी सरकार के समक्ष भी रखी है।

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आयोग ने कहा कि इस सिलसिले में कानून संशोधन होना चाहिए और इस बारे में उसने सरकार को भी लिखा है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से इस बारे में लिखत में सबूत भी मांगा है। कोर्ट ने कहा, 'कब लिखा है सरकार को, हमें भी दिखाओ।'

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इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भी एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई थी। याचिका में आपराधिक केसों में सजायाफ्ता जनप्रतिनिधियों के बारे में दागी नेताओं के खिलाफ लंबित केसों की जानकारी मांगी गई थी। साथ ही 6 साल की रोक की मांग भी की थी।

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इस पर अदालत ने कहा था कि आप नेताओं के सजायाफ्ता होने पर 6 वर्ष की प्रतिबंध लगाने पर बहस कर रहे हो, लेकिन जब ऐसे मामले 20 साल तक लंबित रहते हैं, तब 6 साल की रोक के क्या मायने हैं।

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