Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आधार आधारित ई-केवाईसी बंद होने से दूरसंचार कंपनियों के समक्ष खड़ी होगी चुनौतीः दूरसंचार विभाग

दूरसंचार विभाग ने कहा है कि दूरसंचार कंपनियों के लिये अपने ग्राहक को जानिये (ई- केवाईसी) की इलेक्ट्रानिक प्रणाली को बंद कर दिये जाने के बाद दूरसंचार कंपनियों के समक्ष नये ग्राहकों के पंजीकरण में चुनौती खड़ी हो सकती है।

आधार आधारित ई-केवाईसी बंद होने से दूरसंचार कंपनियों के समक्ष खड़ी होगी चुनौतीः दूरसंचार विभाग
X

दूरसंचार विभाग ने कहा है कि दूरसंचार कंपनियों के लिये अपने ग्राहक को जानिये (ई- केवाईसी) की इलेक्ट्रानिक प्रणाली को बंद कर दिये जाने के बाद दूरसंचार कंपनियों के समक्ष नये ग्राहकों के पंजीकरण में चुनौती खड़ी हो सकती है।

विभाग का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के आधार पर दिये फैसले के बाद यह कदम उठाया गया है। दूरसंचार सचिव अरुण सुंदरराजन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई), विधि मंत्रालय के अधिकारियों तथा दूरसंचार सेवाप्रदाताओं से मिलेंगे जिससे उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार कंपनियों से नये कनेक्शन लेने के मामले में ई-केवाईसी बंद कर दिया है। इसका मतलब है कि मोबाइल सेवा प्रदाता और अन्य निजी इकाइयां ग्राहक पंजीकरण के लिए आधार की मांग नहीं कर सकती हैं।
उद्योग सूत्रों का कहना है कि सभी दूरसंचार आपरेटर पूर्ण रूप से ई-केवाईसी की ओर स्थानांतरित हो चुके हैं और वे ग्राहकों के सत्यापन को आधार का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में इस प्रणाली के हटने बाद उनके लिए नए ग्राहकों को जोड़ना काफी चुनौतीपूर्ण होगा। शीर्ष अदालत ने आधार योजना को संवैधानिक रूप से वैध करार देते हुए आधार कानून की धारा 57 को समाप्त कर दिया। यह धारा निजी इकाइयों को आधार आंकड़ों के इस्तेमाल की अनुमति देती है।
दूरंसचार विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि विभाग जल्द ई-केवाईसी के डिजिटल सत्यापन की वैकल्पिक व्यवस्था लेकर आएगा। एक अधिकारी ने कहा कि दूरसंचार आपरेटरों को ग्राहक पंजीकरण की पुरानी प्रणाली की ओर लौटना होगा या उन्हें ईकेवाईसी का अन्य तरीका अपनाना होगा।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें देखना होगा कि क्या दूरसंचार आपरेटरों को ग्राहक पंजीकरण के पुराने तरीके पर लौटने की जरूरत है या ई-केवाईसी का कोई अन्य तरीका भी हो सकता है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

और पढ़ें
Next Story