Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

अमेरिका बोला- चीन लेजर्स से विमानों को कर रहा टारगेट, ड्रैगन ने आरोप से किया इनकार

अफ्रीकी देश जिबूती में स्थित चीन के पहले विदेशी सैन्य अड्डे से अमेरिकी प्लेन्स को लेजर से टारगेट किया जा रहा है।

अमेरिका बोला- चीन लेजर्स से विमानों को कर रहा टारगेट, ड्रैगन ने आरोप से किया इनकार
X

अफ्रीकी देश जिबूती में स्थित चीन के पहले विदेशी सैन्य अड्डे से अमेरिकी प्लेन्स को लेजर से टारगेट किया जा रहा है। अमेरिका ने औपचारिक तौर पर चीन की सरकार से ऐसी कई घटनाओं की शिकायत की है, जिसमें उसके पायलटों को लेजर्स के जरिए परेशान किया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पेंटागन ने आरोप लगाया है कि हाई-ग्रेड लेजर्स से एयरक्राफ्ट पर निशाना लगाया गया और 2 अमेरिकी पायलट घायल भी हुए हैं। इस घटना को लेकर दोनों देशों में तनाव बढ़ सकता है।

ये भी पढ़ें- उम्र और स्थिति के बावजूद बार के सदस्यों का सम्मान करना जजों के कर्तव्य- CJI दीपक मिश्रा

पेंटागन की प्रवक्ता डाना वाइट ने कहा कि अमेरिका इस बात को लेकर आश्वस्त है कि चीनी नागरिकों ने ही ऐसे लेजर्स का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते कई बार इस तरह की घटनाएं हुईं। वाइट ने आगे कहा कि ऐसे मामले अमेरिकी एयरमेन के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं और अमेरिका ने चीन से इन घटनाओं की जांच करने को कहा है।

हाल में 10 बार हुई टारगेट करने की घटनाएं
प्रवक्ता ने अनुमान लगाते हुए कहा कि हाल के दिनों में करीब 10 बार लेजर से टारगेट करने की घटनाएं हुईं। घायल होने के कारण पेंटागन ने औपचारिक शिकायत मांगी थी और मामले बढ़ने से समस्या बढ़ती गई।
पेंटागन की प्रवक्ता मरीन लेफ्टिनेंट कर्नल क्रिस लोगन ने कहा कि पायलटों से मिली रिपोर्ट्स से साफ है कि तीन बार इस्तेमाल किए गए लेजर्स मिलिटरी ग्रेड के थे और उन्हें चीनी बेस के काफी करीब से टारगेट किया गया।
चीन ने कहा, अमेरिका के आरोप झूठे
उधर,चीन के रक्षा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि अमेरिका के आरोप झूठे हैं। कहा गया, हमने आधिकारिक चैनलों के जरिए इन झूठी आलोचनाओं को पहले ही खारिज कर दिया है। चीन लगातार अंतरराष्ट्रीय नियमों और स्थानीय देश के नियमों का पालन करता रहा है। इसके साथ ही चीन क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी प्रतिबद्ध है।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि सरकार की ओर से गंभीर रूप से जांच की गई है और अमेरिकी पक्ष की ओर से लगाए गए आरोप निराधार पाए गए।
जिबूती में तैनात हैं 4,000 अमेरिकी जवान
जिबूती में एक अमेरिकी सैन्य बेस भी है, जहां करीब 4,000 पर्सनेल तैनात हैं, जिसमें स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज भी शामिल हैं। खास बात यह है कि अमेरिकी बेस यमन और सोमालिया में ऑपरेशंस के लिए लॉन्च पैड के तौर पर भी काम करता है।
चीन ने भी पिछले साल विदेशी धरती पर जिबूती में ही अपना पहला नेवल बेस खोला था, जो पेइचिंग की बढ़ती सैन्य ताकत को दर्शाता है। चीन का बेस अमेरिकी बेस से कुछ मील की दूरी पर है। अमेरिका ने कहा है कि पायलटों को आंख में मामूली चोट आई। हालांकि एयरक्राफ्ट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story