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डॉ. चरणदास महंत का इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल, जानें डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने क्या पूछे थे सवाल

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत का कहना है कि उनके कार्यकाल में सभी संसदीय परम्पराओं का पालन किया जाएगा, विपक्ष की पूरी बात सुनी जाएगी, विपक्ष को किसी तरह का डर भय नहीं सताएगा। वे चाहेंगे कि उनके कार्यकाल में छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहचान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो। कोरबा संसदीय सीट के कांग्रेस प्रत्याशी के संबंध में उन्होंने कहा है कि वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, पार्टी को प्रत्याशी की तलाश कर लेनी चाहिए।

डॉ. चरणदास महंत का इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल, जानें डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने क्या पूछे थे सवाल

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत का कहना है कि उनके कार्यकाल में सभी संसदीय परम्पराओं का पालन किया जाएगा, विपक्ष की पूरी बात सुनी जाएगी, विपक्ष को किसी तरह का डर भय नहीं सताएगा। वे चाहेंगे कि उनके कार्यकाल में छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहचान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो। कोरबा संसदीय सीट के कांग्रेस प्रत्याशी के संबंध में उन्होंने कहा है कि वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, पार्टी को प्रत्याशी की तलाश कर लेनी चाहिए। आईएनएच व हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी जी ने सोमवार को महंत के साथ ख़ास चर्चा की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, प्रस्तुत है आईएनएच व हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी से हुई उनकी बातचीत के प्रमुख अंश...

प्रश्न: मुख्यमंत्री की दौड़ में आपका नाम भी शामिल था, फिर भी आप सीएम क्यों नहीं बने? विधानसभा अध्यक्ष बनकर कैसा महसूस कर रहे हैं?

चरणदास महंत: मुख्यमंत्री नहीं बनाने के संबंध में ऊपरवाले की मर्जी चली, जो ठीक ही है। हमने हाईकमान की मर्जी का पालन किया। क्षेत्र की जनता मान चुकी है। मैं सक्ती जाकर लोगों से बात करूंगा। विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद जिस तरह लोग मिलने आ रहे हैं, उसे समझ नहीं पा रहा हूं। लोगों ने पिछले तीन दिनों में बहुत प्यार दिया है। लोगों के प्यार तले दबकर कुछ भारी-भारी लग रहा है।

प्रश्न:- आप पिछले 18 सालों से संघर्ष के प्रतीक रहे, पार्टी को प्रदेश में 68 सीटें मिली हैं, चुनाव पूर्व आपने इतने बड़े बहुमत का अनुमान लगाया था?

चरणदास महंत:- चुनाव पूर्व हम हिसाब लगाते थे, तो हमारी गिनती में 66 सीटें आती थीं, लोगों ने हम पर विश्वास जताते हुए दो सीटें अधिक जिता दी हैं, लोगों ने कांग्रेस पर भरोसा किया है।

प्रश्न:- कहा जाता है कि जोगी पहले पार्टी से विदा हो जाते, तो 10 साल पहले सत्ता मिल जाती, इस संबंध में आपका क्या कहना है?

चरणदास महंत:-इस संबंध में कुछ नहीं कहना चाहते हैं, पर संभावना कुछ ऐसी ही थी।

प्रश्न:- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पक्ष में एकतरफा परिणाम आए, इसका क्या कारण हो सकता है?

चरणदास महंत:- हम पिछले एक साल से जमीनी कार्यकर्ताओं की बात सुन रहे थे, हमने प्रत्याशी चयन में भी जमीनी कार्यकर्ताओं को महत्व दिया, उनकी भूमिका सुनिश्चित की, इसलिए कार्यकर्ताओं ने तन, मन और धन से पार्टी के लिए कार्य किया। इसके अलावा पार्टी ने चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों को टिकिट दी, किसी ने अयोग्य लोगों के लिए सिफारिश नहीं की, मैंने भी किसी के लिए सिफारिश नहीं की, इसलिए इस तरह के परिणाम सामने आए हैं।

प्रश्न:- वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रदेश अध्यक्ष होने का क्या प्रभाव पड़ा?

चरणदास महंत:- चुनाव परिणामों पर उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने का पूरा प्रभाव पड़ा है, उन्होंने पूरे तेवर के साथ लड़ाई लड़ी, चुनाव परिणाम में उनकी बड़ी भूमिका है, इसीलिए वे मुख्यमंत्री बने हैं।

प्रश्न:- पुराने मंत्रियों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी, इस संबंध में आपका क्या कहना है?

चरणदास महंत:- यह वास्तव में समस्या है, मजबूरी है कि 15 फीसदी से अधिक विधायकों को मंत्री नहीं बनाया जा सकता है।

प्रश्न:- विधानसभा अध्यक्ष बनकर कैसा महसूस कर रहे हैं?

चरणदास महंत:- विधानसभा अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव मैंने ही दिया था, कारण यह है कि मैं मंत्री रह चुका हूं, अब विस अध्यक्ष के रूप में कार्य करने पर नया अनुभव मिलेगा।


प्रश्न:- आपमें और आपके पिता स्व. बिसाहूदास महंत में समानताएं बहुत हैं, पर आप दोनों में क्या असमानता है?

चरणदास महंत:- मैंने पूरा जीवन उनकी बराबरी करने में बिताया है, वे ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर वाली नीति पर चले, मैं भी उसी नीति पर चलता रहा हूं। मैंने वर्ष 1980 में जिस व्यक्ति के खिलाफ चुनाव लड़ा, उसके चरण स्पर्श करने गया था, श्रीमती करुणा शुक्ला मेरे खिलाफ चुनाव लड़ीं, मैं उनके मंच पर आशीर्वाद मांगने चला गया था। पिता जी का भी ऐसा ही व्यवहार था, मैं उनका व्यवहार आगे बढ़ा रहा हूं।

प्रश्न:- आप विधानसभा अध्यक्ष हैं, अब कोरबा संसदीय सीट से चुनाव कौन लड़ेगा?

चरणदास महंत:- मैंने पहले ही कहा था कि यदि मैं विधानसभा चुनाव लड़ूंगा तो लोकसभा नहीं लड़ पाऊंगा, इसलिए अब चुनाव लड़ना संभव नहीं होगा। अच्छा होगा कोरबा के लिए पार्टी प्रत्याशी ढूंढ ले।

प्रश्न:- हर बार का रिकार्ड रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष चुनाव नहीं जीत पाता, इस बार क्या होगा?

चरणदास महंत:- हम यह रिकार्ड तोड़ देंगे।

प्रश्न: छत्तीसगढ़ विधानसभा को किस उंचाई तक पहुंचाएंगे?

चरणदास महंत:- पहले दिन से यह सवाल किया जा रहा है, छत्तीसगढ़ विधानसभा को पहचान दिलाने में पूर्व अध्यक्षों की बड़ी भूमिका रही है। मैं चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने। हम बेहतर कार्य करने का प्रयास करेंगे।

प्रश्न:- विधानसभा अध्यक्ष को सभी को साथ लेकर चलना होता है, पर वह एक पार्टी का सदस्य होता है, आप इस संबंध में कितना दबाव महसूस कर रहे हैं?

चरणदास महंत:- विधानसभा में विपक्ष की हर बात सुनी जाएगी, उन्हें भय नहीं सताएगा। मैं दूसरे किस्म का व्यक्ति हूं।

प्रश्न:- विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में आपके खिलाफ कोई उम्मीदवार क्यों सामने नहीं आया?

चरणदास महंत:- कांग्रेस के नेता रविंद्र चौबे ने पहले ही कहा था कि हमारे यहां निर्विरोध विस अध्यक्ष बनाने की परम्परा है, उसका पालन किया गया है। वैसे भी मेरे सभी से अच्छे संबंध हैं। मैंने सभी के साथ न्याय ही किया है। सभी सहयोग करने वालों का धन्यवाद।

प्रश्न:- विधानसभा उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने की परम्परा रही है, परन्तु छत्तीसगढ़ में यह परम्परा टूट गई है, अब क्या इस परम्परा का पालन किया जाएगा?

चरणदास महंत:- इस परम्परा का पालन होना चाहिए, परन्तु मुझे नहीं लगता कि इस बार विस उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने की परम्परा का पालन किया जाएगा।

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