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नोटबंदीः बैंक कर्मियों को दोस्तों-रिश्तेदारों ने रूलाया

बैंक में काम करने वाले कर्मियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं

नोटबंदीः बैंक कर्मियों को दोस्तों-रिश्तेदारों ने रूलाया
नई दिल्ली. पुराने नोट बदलने व जमा करवाने की भीड़ का सामना कर रहे बैंक कर्मियों को दोहरी परेशानी उठानी पड़ रही है। बैंकों में तो लाइन लगी ही हैं अब बैंक कर्मियों के घरों में भी लाइन लगने शुरु हो गई हैं। ऐसे में बैंक में काम करने वाले कर्मियों पर जहां तय समय सीमा से अधिक व छुट्टी के दिन भी काम करने का बोझ है, वहीं दोस्तों, रिश्तेदारों व पड़ोसियों के पुराने नोट बदलवाने का अतिरिक्त दबाब भी सहना पड़ रहा है।
हालात यह है कि बैंक में काम करने वाले कर्मियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं। जबकि बाहरी राज्य में रहने वाले कई कर्मचारी शादी, ब्याह अथवा अन्य कारण बता कर छुट्टी लेकर गांव जा रहे हैं।
नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक बैंक में कैशियर का काम करने वाले व्यक्ति ने बताया कि पहले ही देर रात तक काम करना पड़ रहा है। बैंक में सांस लेने की फुर्सत तक नहीं मिल रही, ऐसे में रिश्तेदारों के रोज फोन आ रहे हैं कि हमारे पुराने नोट जमा करवा दो अथवा बदलवा दो। कोई रिश्तेदार खुद तो घर आ ही रहे हैं। अपने साथ एक-दो को और ला रहे हैं।
सबसे ज्यादा परेशान तो पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने कर रखा है। जो जानते नहीं थे वो भी जान पहचान वालों को साथ लेकर सुबह या रात को घर आ जाते हैं। किसी-किसी को समझाएं की ऐसा नहीं हो सकता। मना करो तो बुरा मानते हैं।
ऐसे ही एक अन्य बैंक कर्मी एस के शर्मा ने बताया कि जिस दिन से पुराने नोट बंद हुए हैं, हमारी आफत आ गई है। दो गुना काम करना तो ठीक है, लेकिन रिश्तेदारों, दोस्तों की लाइन लगने लग गई है। घर पर-हर कोई कहता है आपको क्या परेशानी है? बैंक में काम करते हो हमारे पैसे भी जमा करवा देना। कोई कहता है मेरे यहां शादी है, आप एक दो लाख निकलवा दो आदि सवालों के जवाब दे दे कर थक गए हैं।
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