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महिला की इजाजत के बिना उसे कोई नहीं छू सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि महिला की सहमति के बिना उसे कोई नहीं छू सकता।

महिला की इजाजत के बिना उसे कोई नहीं छू सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

देश में आए दिन महिलाओं के साथ होने वाली घटनाएं सामने आती हैं। कभी बलात्कार, तो कभी ऐसिड अटैक, कभी घरेलू अत्याचार तो कभी कुछ और। इन घटनाओं को रोकने के लिए अभी तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। छेड़खानी के एक मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि महिला की सहमति के बिना उसे कोई नहीं छू सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अय्याश पुरुषों द्वारा लड़कियों को परेशान करने का सिलसिला अब भी जारी है।
दिल्ली हाईकोर्ट 9 साल की एक बच्ची से यौन उत्पीड़न मामले में सुनवाई कर रही थी। इस मामले में छवि राम नामक व्यक्ति को दोषी ठहराया गया। दरअसल आरोपी छवि राम ने दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में सरेआम बाजार में एक नाबालिग को अनुचित तरीके से छुआ। घटना 25 सितंबर 2014 की है।
इसपर सुनवाई को दौरान अदालत ने कहा कि महिला का शरीर उसका अपना होता है और उस पर सिर्फ उसका अधिकार होता है। कोई भी व्यक्ति उसको नहीं छू सकता जबतक की वो इजाजत न दे भले ही वो किसी उद्देश्य के लिए क्यों न हो।
न्यायधीश मैनी ने कहा कि ऐसा लगता है कि महिला की निजता के अधिकार को पुरुष नहीं मानते और वो उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाते हैं। अपनी हवस शांत करने के लिए वो बेबस लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने से पहले सोचते तक नहीं।
अदालत ने कहा कि छवि राम को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जानी चाहिेए। दालत ने आरोपी पर 10 हजार का जु्माना थोपा। जिसमें से 5 हजार पीड़िता को दिए गए। अदालत ने इसके अलावा दिल्ली प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण को भी बच्ची को 50,000 रुपए देने को कहा है।
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