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गोमूत्र से बना प्रोडक्ट मुसलमानों के लिए ''नाजायज'', फतवा जारी

दारुल उलूम देवबंद ने गोमूत्र के इस्तेमाल से बने उत्पादों को मुस्लिमों के लिए ''नाजायज'' बताया है

गोमूत्र से बना प्रोडक्ट मुसलमानों के लिए
लखनऊ. दारुल उलूम देवबंध अक्सर देश में अपने फतवों को जारी करने को लेकर विवादों में रहता है। इस बार विवाद गोमूत्र को लेकर हुआ है। दारुल उलूम देवबंद ने गोमूत्र के इस्तेमाल से बने उत्पादों को मुस्लिमों के लिए 'नाजायज' बताया है। इस पर एक फतवा जारी कर दारुल उलूम ने कहा, 'अगर ऐसा कहा जाता है या फिर प्रमाणित हो जाता है कि किसी प्रोडक्ट में गोमूत्र का इस्तेमाल किया गया है, तो इसके इस्तेमाल की इजाजत नहीं है। हां, अगर कोई इस बात के लिए पुख्ता हो कि उसी ब्रैंड के किसी अन्य उत्पाद में गोमूत्र नहीं है, तब उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।'
यह फतवा एक सवाल के जवाब में जारी किया गया। सवाल में पूछा गया कि गोमूत्र से बने पतंजलि जैसे ब्रैंड के प्रोडक्टों को मुस्लिम इस्तेमाल कर सकते हैं या नहीं। जवाब में दारुल उलूम की ओर से कहा गया कि गोमूत्र से बना कोई भी प्रोडक्ट इस्लामिक उसूलों का उल्लंघन करता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, इससे पहले तमिलनाडु थोवीद जमात ने जनवरी में ऐसा ही फतवा जारी किया था। इसके बाद पतंजलि की ओर से एक बयान जारी कर बताया गया था कि उसके 700 प्रोडक्ट्स में से केवल 5 में ही गोमूत्र का इस्तेमाल किया गया है।
दारुल उलूम देवबंध के इस फतवे पर पतंजलि का अभी तक कोई बयान नहीं आया है। जानकारों की माने तो इस तरह के फतवों से पतंजलि के बिजनेस पर भारी असर पड़ेगा। कई मुस्लिम बहुल इलाकों में पतंजलि के स्टोर खुले हुए हैं, जहां से सैकड़ों मुस्लिम रोज इसका प्रोडक्ट खरीदती है।
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