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लखपति बन गया पत्नी की लाश ढोने वाला मांझी

दाना मांझी एंबुलेंस ना मिलने की वजह से अपनी पत्नी की लाश को 12 किमी. तक पैदल लेकर चला था

लखपति बन गया पत्नी की लाश ढोने वाला मांझी
भुवनेशवर. ओडिशा के कालाहांडी के दलित दाना मांझी को बहरीन के प्रधानमंत्री प्रिंस खलीफा बिन सलमान अल खलीफा ने 8.9 लाख रुपए का चेक दिया है। कुछ सप्ताह पहले दाना मांझी एंबुलेंस ना मिलने की वजह से अपनी पत्नी की लाश को 12 किमी. तक पैदल लेकर चला था। इस घटना के बाद से दाना मांझी सभी मीडिया अखबारों, न्यूज चैनलों और वेबसाइटों की सुर्खियों में आ गया था।
चेक लेने दिल्ली की बहरीन एंबेसी पहुंचे दाना मांझी
प्रिंस खलीफा की ओर से दिए गए चेक लेने दाना मांझी गुरुवार को दिल्ली में बहरीन एंबेसी पहुंचे। मांझी को बैंक ऑफ बहरीन और कुवैत का चेक मिला। इस चेक को पाकर दाना मांझी ने कहा मैं बहुत खुश हूं। मैं इस पैसे को अपनी तीन बेटियों की शिक्षा में लगाऊंगा। मैं चाहता हूं कि मेरी बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले और वो अच्छी नौकरी कर सकें। इस चैक को लेने के बाद मांझी एयरइंडिया की फ्लाइट से वापस भुवनेशवर लौट गया।
दाना मांझी की पत्नी अमंगदई को टीबी हो गया था। इलाज के लिए उन्हें भवानीपटना के जिला अस्पताल लाया गया था, जहां उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मांझी ने शव को चटाई और चादर में लपेट कर अपने कंधे पर लेकर गांव की ओर चल पड़ा था। इस दौरान उसकी 12 साल की बेटी भी साथ थ। पत्नी को कंधे पर ले जाते मांझी की तस्वीर और वीडियो मीडिया में वायरल हो गया। इसके बाद से इस विषय पर बड़ा विवाद हुआ था।मांझी पर सब तरफ से हुई पैसों की बारिश,
मैं रातों रात अमीर हो गया
मांझी को जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 75 हजार रुपए दिए हैं। प्रशासन ने उनकी तीनों लड़कियों का सरकारी स्कूल में एडमिशन भी करा दिया है। वहीं, रेड क्रॉस सोसायटी ने 50 हजार रुपए देने का वादा किया है। शुलभ इंटरनेशनल ने उनके नाम से एक फिक्स डिपोजिट खोला है। उनकी बेटियों के लिए हर महीने 10 हजार रुपए देने की बात की गई है। यह भी बताया जा रहा है कि एक अनजान शख्स ने उनके बैंक अकाउंट में 80 हजार रुपए जमा करवा दिए हैं। एक साथ सभी तरफ से मिली आर्थिक मदद ने दाना मांझी को थोड़ा असहज कर दिया है। दाना मांझी कहते हैं कि मैं एक देहाती आदमी हूं। मुझे ये भी नहीं पता कि एक लाख रुपए कितने होते हैं। मैं अपने एक रिश्तेदार और बहन के साथ रहता हूं। मजदूरी करता हूं। इस मदद के बाद मेरे पड़ोसी मुझे ताने भी दे रहे हैं। सब कह रहे हैं कि मैं रातों रात अमीर हो गया।
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