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जानें, दलाई लामा ने क्यों पकड़ी बाबा रामदेव की दाढ़ी

विश्व शांति एवं सद्भावना सम्मेलन में योग गुरु और आध्यात्मिक गुरु के बीच चली हंसी-ठिठोली।

जानें, दलाई लामा ने क्यों पकड़ी बाबा रामदेव की दाढ़ी

विश्व शांति एवं सद्भावना सम्मेलन के दौरान रविवार दोपहर योग गुरु बाबा रामदेव और आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा के बीच जो मजाकिया वाकया देखने को मिला उसको को देखकर सभी हंसने पर मजबूर हो गए।

दरअसल सम्मेलन में दलाई लामा अपनी आध्यात्मिक स्पीच दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने रामदेव को मंच पर बुलाया जाते ही रामदेव ने उनके पैर छुए। दलाई लामा ने बाबा को गले लगाया और फिर उनकी की दाढ़ी पकड़ ली।

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दलाई ने कहा कि हम सालों से अच्छे दोस्त हैं और योगगुरु के पेट पर गुदगुदाया। इसके बाद रामदेव थोड़ा शर्माए और सबसे सामने पेट घुमाया (नोली की), फिर मुस्कुराते हुए जाकर कुर्सी पर बैठ गए। सम्मेलन के दौरान यह घटना तब हुई जब मंच पर मौलाना कल्बे सादिक, केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन और धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे।

डर से चिड़, चिड़ से क्रोध और क्रोध से पैदा होती है हिंसा

सम्मेलन में जहां चीन और भारत के बीच बढ़ती गरमा-गरमी पर भी चर्चा हुई, वहीं लामा और बाबा रामदेव के बीच ये पल दोस्ताना दिखाते नजर आए। सम्मेलन में भारत-चीन संबंधों को लेकर दलाई लामा ने कहा कि डर आखिरकार लोगों में जलन और क्रोध पैदा करता है। 'डर चिढ़ पैदा करता है, चिढ़ क्रोध पैदा करती है और क्रोध से हिंसा पैदा होती है।'

चीन योग नहीं समझता तो युद्ध समझेगा

बाबा रामदेव ने भी चीन के लिए जैसे-को-तैसा वाले लहजे में कहा, 'हम योग की भाषा में बात करते हैं, लेकिन जो इसे नहीं समझता, उसे युद्ध की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए।' बाबा रामदेव ने कहा, चीन हमें बार-बार युद्ध की धमकी दे रहा है।

वह चाहता है कि भारत उनके उकसाने पर जवाब दे। अब हमें भी हर तरह से जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। चीन दुनिया में युद्ध को आगे बढ़ा रहा है। देश के नागरिक जो भारत के लिए कुछ करना चाहते हैं, फौरन चीनी और विदेशी सामान का विरोध करें।

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मुस्लिम हिंदुओं के लिए छोड़ दे विवादित जमीन

सम्मेलन में शिया मौलवी कल्बे सादिक भी शामिल हुए। इसमें शिया मैलवी ने बाबरी विवाद मुद्दे पर शांति की अपील की। उन्होंने कहा , हमें देश की सर्वोच्च अदालत पर पूरा भरोसा है।

अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुस्लिमों के पक्ष में आता है तो उन्हें विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ देना चाहिए। फैसला जो भी आए, दोनों ही पक्षों को उसका सम्मान करना चाहिए। जो अपनी सबसे प्यारी चीज दूसरों को देता है, बदले में उसे हजारों चीजें मिलती हैं।

कल्बे सादिक के बयान पर केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, मौलाना साहब ने हमारा दिल जीत लिया है। भगवान राम न तो हिंदुओं के हैं, न मुस्लिमों के, भगवान राम भारत की आत्मा हैं।

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