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जानें कहां से उठते हैं ये चक्रवाती तूफाना, ''गज'' को लेकर हाई अलर्ट

तमिलनाडु से लेकर आंध्र प्रदेश और बंगाल तक तबाही मनाने वाले तितली तूफान को नहीं भूले थे कि अब ''गज'' तूफान ने हड़कंप मचा दिया है। खबर है कि चक्रवाती तूफान गज पश्चिम की तरफ बढ़ गया है।

जानें कहां से उठते हैं ये चक्रवाती तूफाना,
अभी हाल ही में तमिलनाडु से लेकर आंध्र प्रदेश और बंगाल तक तबाही मनाने वाले तितली तूफान को नहीं भूले थे कि अब 'गज' तूफान ने हड़कंप मचा दिया है। खबर है कि चक्रवाती तूफान गज पश्चिम की तरफ बढ़ गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान 15 नवंबर की शाम को तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र को पार कर सकता है। इसको लेकर हाई अलर्ट जारी किया हुआ है। वहीं स्कूल-कॉलेज को बंद करने का ऐलान भी किया हुआ है।
वहीं अमेरिका की ज्वॉइंट टायफून वार्निंग सेंटर ने गज तूफान की सूचना मौसम विभाग को दी। चेन्नई से 270 किलोमीटर दक्षिण में गज के सक्रिय होने की सूचना दी थी। तूफान 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार चल रहा है। जो तबाही मचाने के लिए काफी है।

बंगाल की खाड़ी से होती है शुरुआत

देश के ज्यादातर तूफान बंगाल की खाड़ी से ही शुरू होते हैं इस चक्रवाती तूफान गज की उत्पन्न भी यहीं से हुई है। इसके प्रभाव के कारण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में आज तेज बारिश की संभावना है।
दक्षिण भारत और मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ गया है। तो चलते चलते एक विशाल तूफान में बदल गया है। इसका केंद्र पूर्व मध्य, पश्चिम मध्य और दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में है।

कैसे रखे जाते हैं नाम

तूफानों के नाम रखने की प्रक्रिया 20वीं शताब्दी से शुरू हुई। ये नाम सबसे पहले आस्ट्रेलिया के एक मौसम वैज्ञानिक ने दी और उसके बाद ये सिलसिला शुरू हो गया। उन्होंने सबसे पहले तूफानों के नाम राजनेताओं के नाम पर रखना शुरू किया। अमेरिका हर साल 21 नामों की लिस्ट तैयार करता है। हर बार ऑड ईवन के अनुसार इनके नाम रखे जाते हैं और फिर आदम औरत और जगहों के नाम पर तूफानों के नाम रखे जाते हैं। हर तूफान का नाम 6 साल के बाद रिटार हो जाता है।
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