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पाकिस्तान में मुद्रा संकट: पीएमएल-एन ने आईएमएफ की शर्त मानने पर इमरान से मांगा इस्तीफा

पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने प्रधानमंत्री इमरान खान के ऊपर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शर्तें गुप-चुप स्वीकार करने और देश से झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए शनिवार को उनके इस्तीफे की मांग की।

पाकिस्तान में मुद्रा संकट: पीएमएल-एन ने आईएमएफ की शर्त मानने पर इमरान से मांगा इस्तीफा

पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने प्रधानमंत्री इमरान खान के ऊपर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शर्तें गुप-चुप स्वीकार करने और देश से झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए शनिवार को उनके इस्तीफे की मांग की।

पीएमएल-एन ने खान पर आरोप लगाया कि मुद्राकोष (आईएमएफ) से कर्ज लेने के लिये गोपनीय तरीके से उसकी शर्तों को मानने से पाकिस्तानी रुपये की विनिमय दर में ऐतिहासिक गिरावट आयी है। पाकिस्तानी रुपया शुक्रवार को गिरकर प्रति अमेरिकी डालर 144 पर पहुंच गया। यह इसका अब तक का न्यूनतम स्तर है।

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इमरान खान सरकार की 100 दिन की उपलब्धियों के जश्न के एक दिन बाद पाकिस्तान के रुपये में यह गिरावट दिखी है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय मुद्रा का अवमूल्यन पाकिस्तान सरकार की मुद्राकोष से कर्ज लेने के लिए चल रही बातचीत से जुड़ा है।

पीएमएल-एन की केंद्रीय प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी रुपये की ऐतिहासिक गिरावट (डॉलर के मुकाबले 134 से 144 पर गिरना) यह दिखाता है कि इमरान खान सरकार ने बिना किसी से राय-मशविरा किये आईएमएफ के साथ समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से पहले ही परेशान पाकिस्तानी लोगों के ऊपर महंगाई का दवाब डालेगा। वहीं प्रधानमंत्री खान लोगों के सामने ‘घबराना नहीं है' दोहराने के सिवाय कुछ नहीं कर रहे हैं।

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औरंगजेब ने कहा कि इमरान खान को इस्तीफा देना चाहिये क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान के लोगों को धोखा दिया है। औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों को समझौते की शर्तें जानने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि रुपये की अचानक गिरावट इस बात का सबूत है कि सरकार आईएमएफ की शर्तों को मान गयी है और उसने समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सरकार ने आईएमएफ के कर्ज के बारे में देश से एक बार फिर से झूठ बोला है। वित्त मंत्री असद उमर ने आईएमएफ के साथ सौदेबाजी के बारे में पाकिस्तान के लोगों को गुमराह किया है। डॉलर की कीमत में अचानक तेज उछाल इस सरकार की एक और भयानक धोखाधड़ी है।

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