Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

कोर्ट ने विवेक डोभाल की मानहानि याचिका पर जयराम, कैरावैन के संपादक को किया तलब

दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल की ओर से दाखिल मानहानि याचिका पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, ‘द कैरावैन'' पत्रिका के संपादक और उसके संवाददाता को 25 अप्रैल को आरोपी के तौर पर पेश होने के लिए शनिवार को सम्मन भेजा।

कोर्ट ने विवेक डोभाल की मानहानि याचिका पर जयराम, कैरावैन के संपादक को किया तलब

दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल की ओर से दाखिल मानहानि याचिका पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, ‘द कैरावैन' पत्रिका के संपादक और उसके संवाददाता को 25 अप्रैल को आरोपी के तौर पर पेश होने के लिए शनिवार को सम्मन भेजा।

विवेक ने अपनी शिकायत में कहा था कि पत्रिका और रमेश ने उनके पिता से बैर के चलते जानबूझकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने तीनों लोगों से 25 अप्रैल को अदालत के समक्ष पेश होने को कहा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘उन सभी के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार हैं। उन्हें मानहानि का अपराध करने के मामले में तलब किया गया है।'
पत्रिका ‘द कैरावैन' ने अपने एक लेख में आरोप लगाया था कि विवेक डोभाल केमैन आइलैंड में हेज फंड चलाते हैं, जो कर चोरी का एक स्थापित स्थान है। विवेक ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि रमेश ने 17 जनवरी को संवाददाता सम्मेलन किया था और ‘निराधार और बेबुनियाद तथ्य' दोहराए थे जैसा कि लेख में लिखा गया।
अदालत के आदेश में यह भी कहा गया कि पत्रिका के आरोप प्रथमदृष्टया अपमानजनक हैं और विवेक की ओर इंगित हैं, इसलिए वह फरियादी हैं। अदालत ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर अदालत को शिकायती पर और गवाहों के बयान अथवा साक्ष्यों पर विचार करना होगा। मामले के दो गवाहों - निखिल कपूर और अमित शर्मा ने 11 फरवरी को अदालत में मानहानि की शिकायत के समर्थन में बयान दिये थे।
उन्होंने कहा कि प्रकाशित लेख और रमेश द्वारा इसकी सामग्री का इस्तेमाल करने से विवेक की कंपनी के निवेशकों के बीच बड़ी असहज स्थिति पैदा हो गयी। विवेक ने 30 जनवरी को अदालत में अपने बयान दर्ज कराए थे जिसमें उन्होंने कहा कि पत्रिका में लगाए गए सभी आरोप और बाद में कांग्रेस नेता द्वारा संवाददाता सम्मेलन में दोहराए गए ये आरोप ‘निराधार' तथा ‘गलत' हैं और इससे परिजन तथा पेशेवर सहयोगियों की नजरों में उनकी छवि खराब हुई है।
Next Story
Top