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देश में जमा चीनी के भारी स्टॉक के लिए बनाई योजना, तेल के बदले चीनी निर्यात करेगी सरकार

भारत खाद्य तेलों का बड़ा आयातक देश है। इंडोनेशिया और मलेशिया से काफी मात्रा में खाद्य तेलों का आयात किया जाता है

देश में जमा चीनी के भारी स्टॉक के लिए बनाई योजना, तेल के बदले चीनी निर्यात करेगी सरकार
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नई दिल्ली. सरकार देश में जमा चीनी के भारी स्टॉक का निर्यात बढ़ाने के लिए अब नए रास्ते तलाश रही है। सरकार कृषि जिंसों के आयात के बदले में करीब 40 लाख टन चीनी निर्यात की संभावनाएं तलाश रही है ताकि मिलों में जमा चीनी के भारी अधिशेष स्टॉक को कम किया जा सके।

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खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को यहां इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इससे चीनी मिलों पर गन्ना किसानों की 14 हजार करोड़ रुपए की बकाया राशि के भुगतान में मदद मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले सप्ताह चीनी क्षेत्र के संकट के समाधान पर विचार विर्मश के लिए बैठक बुलाई थी।

विश्व बाजार में 19, घरेलू बाजार में 20 रुपए किलो
सूत्रों के अनुसार इस बारे में मोटे तौर पर नीति का खाका तैयार किया जा रहा है लेकिन प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय एक और बैठक के बाद ही लिया जा सकेगा। प्रधानमंत्री इस बारे में जल्द ही अगली बैठक बुलाएंगे। पासवान ने कहा कि चीनी के मौजूदा वैश्विक मूल्यों में आई भारी गिरावट के मद्देनजर सामान्य तरीके से चीनी निर्यात करना मुश्किल है। विश्व बाजार में चीनी 19 रुपए किलो पर उपलब्ध है, जबकि घरेलू बाजार में इसकी लागत 20 रुपए किलो तक है। ऐसे में यदि हम और निर्यात करेंगे तो विश्व बाजार में दाम और नीचे आ जाएंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि चीनी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने से भी ज्यादा फायदा नहीं हुआ।
40 लाख टन निर्यात की मंजूरी
पासवान ने यहां संवाददाताओं से कहा, हम उन देशों को जहां चीनी की मांग है 40 लाख टन निर्यात की मंजूरी देना चाहते हैं। हम वस्तुओं की अदला बदली के आधार पर चीनी का निर्यात करना चाहते हैं। खाद्य तेल और दूसरी खाद्य वस्तुओं का आयात कर उसके बदले चीनी का निर्यात किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वस्तु विनिमय के आधार पर चीनी निर्यात के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है लेकिन चीनी के अनिवार्य तौर पर निर्यात के बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। चीनी उद्योग को इस बारे में सोच विचार करना चाहिए और दूसरी कृषि जिंसों के आयात के बदले चीनी का निर्यात करने का रास्ता निकालना चाहिए।
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