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I-DAY: 3 जुलाई 1947, खाकसार आंदोलन को खत्म करने की गई थी घोषणा

संयुक्त भारत का लाहौर इस आंदोलन का केंद्र था।

I-DAY: 3 जुलाई 1947, खाकसार आंदोलन को खत्म करने की गई थी घोषणा
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नई दिल्ली. I-DAY COUNTDOWN के सीरिज के अंतर्गत आज हम आपको बताएंगे कि हम भारतीयों के लिए 3 जुलाई 1947 का दिन किस रूप में महत्वपूर्ण रहा था। अब तक आपने पढ़ा कि कैसे मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान का गवर्नर जनरल बनने की इच्छा लार्ड माउंटबेटन के सामने जाहिर की थी और दोनों के बीच इस बात के लिए लगभग आम सहमति बन गई थी। जिसके बाद आने वाले दिनों के लिए जिन्ना को पाकिस्तान का और लार्ड माउंटबेटन को भारत का गवर्नर जनरल नियुक्त कर दिया गया।
3 जुलाई 1947 का दिन भारतीय इतिहास में एक खास जगह रखता है। इसी दिन लाहौर में खाकसार आंदोलन खत्म करने की घोषणा की गई थी। खाकसार आंदोलन का केंद्र तत्कालीन भारत के प्रमुख केंद्र लाहौर में था। खाकसार आंदोलन को भले ही खत्म करने की घोषणा 3 जुलाई 1947 को हो गई हो लेकिन आज भी इस आंदोलन की कुछ धाराएं पाकिस्तान में चल रही हैं। इसकी वजह है कि इस आंदोलन के पास तात्कालिक और दीर्घकालिक लक्ष्य थे। तात्कालिक लक्ष्य के तहत यह भारत को अंग्रेजों से आजादी दिलाना चाहते थे और दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत एक हद तक इसका मकसद इस्लाम की बुराइयों को दूर करना भी था।
जानिए, क्या था खाकसार आंदोलन-
खाकसार पर्शियन भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें खाक- का मतलब है मिट्टी और सार का मतलब है जीवन और इसका संयुक्त मतलब निकलता है विनम्र इंसान। हालांकि ये आंदोलन हथियारबद्ध था। ये पूरा आंदोलन उस समय चलाया गया था जब ब्रिटिश काल में भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, इस संगठन में कितन लोग शामिल हुए -
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